वेनेज़ुएला में सत्ता संकट, डेल्सी रोड्रीगेज बनीं अंतरिम राष्ट्रपति

जुबिली स्पेशल डेस्क

अमेरिका ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया है। इसके बाद वेनेज़ुएला में सत्ता को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। देश के सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपने फैसले में कहा कि मादुरो की अनुपस्थिति में डेल्सी रोड्रीगेज कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में देश की जिम्मेदारी संभालेंगी, ताकि सरकार का कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति की अनुपस्थिति से जुड़े कानूनी ढांचे पर आगे और विचार किया जाएगा, जिससे शासन व्यवस्था और राष्ट्रीय संप्रभुता प्रभावित न हो।

इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि डेल्सी रोड्रीगेज को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई जा चुकी है। हालांकि, इस दावे को खुद डेल्सी रोड्रीगेज ने खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि निकोलस मादुरो ही वेनेज़ुएला के एकमात्र वैध राष्ट्रपति हैं और उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाए जाने की बात पूरी तरह गलत है।

अमेरिकी कार्रवाई के बाद मादुरो की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें उनकी आंखों पर पट्टी और हाथ बंधे हुए दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मादुरो और उनकी पत्नी को हेलिकॉप्टर के जरिए एक अमेरिकी युद्धपोत पर ले जाया गया, जहां से उन्हें अमेरिका रवाना किया गया। ट्रंप प्रशासन न्यूयॉर्क में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की तैयारी कर रहा है।

कौन हैं डेल्सी रोड्रीगेज?

56 वर्षीय डेल्सी रोड्रीगेज वेनेज़ुएला की समाजवादी सरकार की सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिनी जाती हैं। वह मादुरो की करीबी सहयोगी रही हैं और एक साथ उपराष्ट्रपति, वित्त मंत्री और तेल मंत्री जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। मादुरो ने एक बार सरकार का आक्रामक बचाव करने की उनकी शैली को देखते हुए उन्हें “टाइगर” तक कहा था।

काराकास में जन्मीं डेल्सी रोड्रीगेज वामपंथी नेता जॉर्ज एंतोनियो रोड्रीगेज की बेटी हैं, जो लिगा सोशलिस्टा पार्टी के संस्थापक थे। उन्होंने कानून की पढ़ाई की है और यूनिवर्सिदाद सेंट्रल दे वेनेज़ुएला से स्नातक हैं। रोड्रीगेज ने राजनीति में तेज़ी से अपनी पहचान बनाई और संचार मंत्री, विदेश मंत्री रहने के बाद सरकार समर्थक संविधान सभा की अध्यक्ष भी रहीं।

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