धर्मनगरी के फेर में फंसी राहुल-प्रियंका की जोड़ी

न्‍यूज डेस्‍क 

लोकसभा चुनाव के तीन चरणों के मतदान के बाद सभी दलों ने अपनी चुनावी तैयारियों को और तेज कर दिया है। पश्चिमी यूपी में मतदान खत्‍म होने के बाद नेताओं की नजर अब बुंदलेखण्‍ड, पूर्वांचल और अवध क्षेत्र की सीटों पर लगी है।

कांग्रेस की पूर्वी उत्‍तर प्रदेश की प्रभारी इन दिनों बुंदेलण्‍ड में डेरा डाली हुई हैं। वहीं, पार्टी अध्‍यक्ष राहुल गांधी भी यूपी समेत देश भर में चुनावी रैलियां कर रहे हैं और पीएम मोदी को घेर रहे हैं, लेकिन अभी तक कांग्रेस वाराणसी संसदीय क्षेत्र से अपना उम्‍मीदवार घोषित नहीं कर पाई है। इसके अलावा गोरखपुर सीट पर भी कांग्रेस को कोई कैंडिडेट नहीं मिल रहा है।

गौरतलब है कि दोनों ही सीटों पर सातवें चरण में मतदान होना है और पर्चा दाखिल करने की आखिरी तारीख 29 अप्रैल है। ऐसे में नामांकन करने कुछ ही दिन बचे हैं और बीजेपी के दोनों दिग्‍गज के खिलाफ कांग्रेस अभी तक कोई उम्‍मीदवार नहीं घोषित कर पाई है।

पीएम मोदी 26 को अपना नामांकन करेंगे। वहीं, गोरक्षपीठ के प्रभाव वाली सीट गोरखपुर से इस बार भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन शुक्‍ला पर बीजेपी ने अपना दांव खेंला है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस भी गोरखपुर से किसी ब्राह्मण उम्‍मीदवार को मैदान में उतारना चाहती है।

इस बीच चर्चा ये भी है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्‍व अभी एक मत नहीं हो पाया है। कुछ नेताओं का मानना है कि कांगेस को संगठन से जुड़ा प्रत्‍याशी उतारना चाहिए। कुछ बाहरी पर दांव लगाना चाह रही है।

वहीं, धर्मनगरी  वाराणसी में मोदी लहर को रोकन के लिए प्रियंका गांधी का नाम अटकलों के लहर गोते खा रहा है, हालांकि, इन अटकलों पर विराम लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नेहरू, शास्‍त्री और इंदिरा तक परंपरा रही है कि बड़े विपक्षी नेताओं को जबरन हराने की कोशिश न हो, कोशिश हो कि वो जीतकर संसद मे आएं। उनके इस बयान से साफ है कि प्रियंका पीएम मोदी के खिलाफ उम्‍मीदवार नहीं होंगी। लेकिन अभी तक कांग्रेस तय नहीं कर पा रही है कि अपने प्रमुख प्रतिद्वंदी के खिलाफ किसे मैदान में उतारा जाए।

 

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