ईरान पर USA ग्राउंड ऑपरेशन में इजरायल नहीं होगा शामिल?

नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर अमेरिका ईरान में जमीनी सैन्य कार्रवाई (ग्राउंड ऑपरेशन) करता है, तो इजरायल की सेना उसमें सीधे तौर पर हिस्सा नहीं लेगी।
इजराइल के प्रमुख चैनल 12 की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका भले ही ईरान में “ग्राउंड बूट्स” यानी सैनिक उतारने की तैयारी कर रहा हो, लेकिन इस मिशन में उसे अकेले ही आगे बढ़ना होगा। यह संकेत मौजूदा तनावपूर्ण हालात में बेहद अहम माना जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना जमीन पर उतरकर युद्ध में शामिल नहीं होगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इजरायल खुफिया जानकारी, तकनीकी सहयोग या लॉजिस्टिक सपोर्ट के जरिए अमेरिका की मदद करेगा या नहीं।
इजरायल क्यों बना रहा दूरी?
विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल का यह रुख कई रणनीतिक कारणों से जुड़ा हो सकता है। जमीनी युद्ध में सीधे शामिल होने से मिडिल ईस्ट में तनाव और तेजी से बढ़ सकता है। इसके अलावा, इजरायल पहले से ही अपनी सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है और वह किसी बड़े युद्ध में सीधे कूदने से बचना चाहता है।

अमेरिका के लिए बढ़ सकती है चुनौती
अगर अमेरिका को बिना किसी बड़े सहयोगी के ईरान में जमीनी ऑपरेशन करना पड़ता है, तो यह उसके लिए सैन्य और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा जोखिम बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान जैसे बड़े और मजबूत देश में जमीनी युद्ध करना आसान नहीं है और इसके लिए बड़े संसाधनों, रणनीति और समय की जरूरत होती है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने सैनिकों, युद्धपोतों और फाइटर जेट्स की संख्या बढ़ा दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पेंटागन ने ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी ऑपरेशन के विकल्पों पर काम किया है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
फिलहाल, अमेरिका ने एयरक्राफ्ट कैरियर और नौसैनिक ताकत बढ़ाकर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। अभी तक अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान में बड़े पैमाने पर जमीनी युद्ध शुरू करने की कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई है।



