मुज्तबा खामेनेई का आदेश- ‘गोलीबारी रोकें पर ट्रिगर पर हाथ रखें’, सीजफायर पर दी चेतावनी

तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के युद्ध-विराम (Ceasefire) के ऐलान के बाद ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतुल्ला मुज्तबा खामेनेई का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। खामेनेई ने ईरानी सशस्त्र बलों को गोलीबारी रोकने का आदेश तो दे दिया है, लेकिन साथ ही अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी भी दी है।
“यह युद्ध का अंत नहीं”: खामेनेई की दोटूक चेतावनी
ईरान के सरकारी चैनल IRIB पर प्रसारित एक बयान में मुज्तबा खामेनेई ने स्पष्ट किया कि इस सीजफायर को युद्ध की समाप्ति न समझा जाए।
सर्वोच्च नेता खामेनेई ने कहा:
“यह युद्ध का अंत नहीं है। हालांकि, सभी सैन्य शाखाओं को सर्वोच्च नेता के आदेश का पालन करना चाहिए और फिलहाल गोलीबारी बंद कर देनी चाहिए। हमारे हाथ अभी भी ट्रिगर पर हैं।”
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी इस रुख को दोहराते हुए कहा कि यदि दुश्मन (अमेरिका या इजरायल) की ओर से जरा सी भी गलती हुई, तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा।
ट्रंप का ‘शांति प्रस्ताव’ और पाकिस्तान की मध्यस्थता
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वे 14 दिनों के लिए ईरान पर हमले स्थगित कर रहे हैं। ट्रंप ने इस कूटनीतिक सफलता का श्रेय पाकिस्तान को दिया।
- पाकिस्तान की भूमिका: ट्रंप ने कहा कि पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अनुरोध पर उन्होंने “विनाशकारी सैन्य शक्ति” को रोका है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): सीजफायर की सबसे बड़ी शर्त इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को पूरी तरह खोलने और सुरक्षित रखने की है।
- 10 सूत्रीय प्रस्ताव: ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए 10 बिंदुओं के प्रस्ताव को ‘व्यवहार्य आधार’ (Viable Basis) माना है।
ईरान की वे 10 शर्तें, जिन पर झुका अमेरिका?
ईरान ने सीजफायर और भविष्य की शांति वार्ता के लिए जो मसौदा तैयार किया है, उसमें कई सख्त शर्तें शामिल हैं:
- नो एग्रेशन: अमेरिका भविष्य में कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं करेगा।
- होर्मुज पर नियंत्रण: इस जलडमरूमध्य पर ईरान का संप्रभु अधिकार बना रहेगा।
- परमाणु संवर्धन: ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को वैश्विक मान्यता मिले।
- प्रतिबंधों की समाप्ति: सभी प्राथमिक और द्वितीयक आर्थिक प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं।
- UNSC प्रस्ताव: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी ईरान विरोधी प्रस्ताव रद्द हों।
- IAEA विवाद: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को खत्म किया जाए।
- युद्ध मुआवजा: जंग में हुए नुकसान के लिए ईरान को मुआवजा मिले।
- अमेरिकी वापसी: मध्य-पूर्व के क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की पूर्ण वापसी।
- क्षेत्रीय शांति: लेबनान (हिज्बुल्लाह) सहित सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति।
- संपत्ति की रिहाई: विदेशों में जब्त ईरानी फंड को जारी किया जाए।
क्या वाकई टल गया महायुद्ध?
विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई का “ट्रिगर पर हाथ” वाला बयान यह दर्शाता है कि अविश्वास की खाई अभी भी बहुत गहरी है। 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली बैठक तय करेगी कि यह 14 दिनों की शांति एक स्थायी समझौते में बदलती है या यह केवल अगले बड़े हमले की तैयारी के लिए लिया गया एक छोटा सा विश्राम है।



