अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल: इस्लामाबाद में 21 घंटे चली बैठक बेनतीजा, इन 4 मुद्दों पर फंसा पेंच

इस्लामाबाद/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने के इरादे से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित 21 घंटे लंबी शांति वार्ता पूरी तरह विफल रही है। किसी ठोस नतीजे पर न पहुँच पाने के कारण अमेरिकी डेलिगेशन वापस रवाना हो गया है। इस विफलता के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने सख्त तेवर दिखाते हुए अमेरिका को अपनी ‘अवैध मांगों’ से बचने की चेतावनी दी है।

वार्ता विफल होने की 4 मुख्य वजहें

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने उन चार प्रमुख मांगों का खुलासा किया है, जिन पर सहमति नहीं बन पाई…

  1. होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण: जलडमरूमध्य के रणनीतिक नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच भारी मतभेद रहे।
  2. परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program): अमेरिका की शर्त थी कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करे, जबकि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन के अधिकारों पर अड़ा रहा।
  3. ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध: तेहरान ने सभी प्रतिबंधों को तुरंत हटाने की मांग की, जिस पर अमेरिका तैयार नहीं हुआ।
  4. युद्ध की समाप्ति: ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों को पूरी तरह खत्म करने की मांग पर भी पेंच फंसा रहा।

“अमेरिका के वादे तोड़ने की आदत को हम भूले नहीं”

ईरान के विदेश मंत्रालय ने वार्ता के बाद जारी बयान में अमेरिका पर कड़ा प्रहार किया। प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा

“हम अमेरिका के वादों को तोड़ने और उसके पिछले कुकर्मों के अनुभव को न तो भूले हैं और न ही कभी भूलेंगे। ज़ायोनी शासन (इजरायल) और अमेरिका द्वारा किए गए अपराधों को ईरान कभी माफ नहीं करेगा।”

बघाई ने स्पष्ट किया कि वार्ता की सफलता इस बात पर निर्भर करती थी कि अमेरिका अपनी ‘ज्यादा मांगों और गैर-कानूनी अनुरोधों’ को छोड़ दे। ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि फिलहाल अमेरिका के साथ आगे किसी भी बातचीत की कोई योजना नहीं है।

होर्मुज स्ट्रेट पर IRGC की सख्त चेतावनी

वार्ता के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अमेरिकी जहाजों के गुजरने की खबरों को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया। आईआरजीसी (IRGC) नौसेना कमान ने बयान जारी कर कहा कि सैन्य जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

  • नियम: यह समुद्री रास्ता केवल विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार गैर-सैन्य जहाजों के लिए खुला है।
  • कार्रवाई: किसी भी सैन्य घुसपैठ का मुकाबला पूरी सख्ती और कठोरता के साथ किया जाएगा।

पाकिस्तान की मेजबानी का आभार

तनावपूर्ण माहौल के बावजूद, ईरान ने वार्ता की मेजबानी करने के लिए पाकिस्तान सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त किया। इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरानी वार्ताकारों ने देश के हितों की रक्षा के लिए अपनी पूरी शक्ति और ज्ञान का उपयोग किया, लेकिन दूसरे पक्ष की गंभीरता की कमी के कारण समाधान नहीं निकल सका।

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