लोकसभा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर घमासान, राहुल गांधी के बयान पर विशेषाधिकार नोटिस लाने की तैयारी

जुबिली न्यूज डेस्क

नई दिल्ली: लोकसभा के बजट सत्र के दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने की घोषणा कर दी।

राहुल गांधी का सरकार पर हमला

11 फरवरी 2026 को सदन में बोलते हुए राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल प्रधानमंत्री का फैसला नहीं, बल्कि 1.5 अरब भारतीयों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। राहुल ने आरोप लगाया कि यह डील “पूरी तरह आत्मसमर्पण” जैसी है और इससे भारत के हितों को नुकसान पहुंचा है।उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने यह कदम राजनीतिक और वित्तीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया है।

रिजिजू ने मांगे सबूत

राहुल गांधी के बयान के दौरान ही किरेन रिजिजू ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी की जिम्मेदारी अधिक है और उनके बयानों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

रिजिजू ने कहा, “आप प्रधानमंत्री का नाम लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने सभी आरोपों के पुख्ता सबूत दें।” उन्होंने आरोपों को ‘निराधार’ और ‘बेबुनियाद’ बताया और कहा कि ऐसे बयान सदन की गरिमा के खिलाफ हैं।

इस दौरान स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि तत्काल सबूत देने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह मंत्री की मांग है। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वे अपने आरोप साबित करने के लिए तैयार हैं।

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विशेषाधिकार नोटिस की तैयारी

सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया है और बिना नोटिस दिए प्रधानमंत्री व अन्य मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन के स्पष्ट नियम हैं, जिनके तहत किसी सदस्य को आरोप लगाने से पहले नोटिस देना और उन्हें प्रमाणित करना आवश्यक होता है।

रिजिजू ने कहा कि इसी आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाया जाएगा।इस घटनाक्रम के बाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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