जुबिली न्यूज डेस्क
नई दिल्ली: यूनियन बजट 2026 पेश होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आम बजट पेश करेंगी। इस बार बजट को लेकर सबसे ज्यादा उम्मीदें शिक्षा क्षेत्र (Education Sector) से जुड़ी हुई हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सिस्टम तैयार करने के लिए बड़े और दूरगामी फैसलों की संभावना जताई जा रही है।
शिक्षा सेक्टर को मिल सकता है ज्यादा बजट
जानकारों का मानना है कि इस बार केंद्र सरकार:
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शिक्षा क्षेत्र के लिए अधिक फंड आवंटन कर सकती है
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लंबे समय तक चलने वाली विकास योजनाओं को मजबूत आर्थिक समर्थन मिल सकता है
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देश के टैलेंट बेस को मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा
विशेषज्ञों के अनुसार शिक्षा में वास्तविक बदलाव तभी संभव है, जब शिक्षक, बुनियादी ढांचा और तकनीक तीनों क्षेत्रों में लगातार निवेश किया जाए।
NEP 2020 के लक्ष्यों पर टिकी उम्मीदें
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य है—
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शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाना
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छात्रों में व्यावहारिक कौशल विकसित करना
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टेक्नोलॉजी आधारित लर्निंग को बढ़ावा देना
इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सरकार से पर्याप्त और लक्षित बजट सपोर्ट की उम्मीद की जा रही है।
विशेषज्ञ की राय: शिक्षा ही देश की असली पूंजी
न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया ने कहा कि—“नई शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सही और पर्याप्त बजट बेहद जरूरी है। शिक्षा वह आधार है जिस पर देश का टैलेंट तैयार होता है।”
उन्होंने कहा कि आज का यही टैलेंट भविष्य में:
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इंडस्ट्री
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टेक्नोलॉजी
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इनोवेशन
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स्टार्टअप इकोसिस्टम
को मजबूती देने का काम करेगा।
शिक्षकों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट पर फोकस की मांग
शिशिर जयपुरिया के अनुसार बजट से उनकी सबसे बड़ी उम्मीद शिक्षकों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट को लेकर है।
उन्होंने कहा—“मजबूत शिक्षक ही बेहतर शिक्षा की नींव रखते हैं। इसलिए शिक्षकों की ट्रेनिंग, अपस्किलिंग और डिजिटल लर्निंग क्षमताओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।”
स्किल एजुकेशन और AI पर बढ़ सकता है निवेश
विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इस बार बजट में:
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वोकेशनल और स्किल-बेस्ड एजुकेशन के लिए
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नेशनल लेवल प्रोग्राम
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स्ट्रक्चर्ड फंडिंग मॉडल
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को बढ़ावा मिल सकता है।
इससे कक्षा 6 से 8 तक शुरू किए गए अनिवार्य स्किल कोर्स में किए गए CBSE सुधारों को मजबूती मिलेगी।
स्कूलों में AI शिक्षा पर जोर संभव
बजट 2026 में सरकार से यह भी उम्मीद की जा रही है कि—
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स्कूल स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
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कोडिंग और डिजिटल स्किल्स
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एडटेक इंफ्रास्ट्रक्चर
पर निवेश बढ़ाया जाएगा।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्र तकनीकी दौड़ में पीछे न रहें।
शिक्षा बनेगी आत्मनिर्भर भारत की रीढ़
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बजट में शिक्षा को प्राथमिकता दी जाती है तो इससे—
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रोजगार के नए अवसर बनेंगे
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स्किल गैप कम होगा
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भारत का वैश्विक टैलेंट हब बनने का सपना मजबूत होगा
अब सभी की नजरें 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर टिकी हैं।
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