ट्रंप के ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ के दावे में कितनी सच्चाई?

नई दिल्ली। CENTCOM ने हाल ही में पुष्टि की कि USS Tripoli (अमेरिका-क्लास amphibious assault ship) के जरिए लगभग 3500 अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट में पहुंच चुके हैं। ये सैनिक ईरान के अंदर नहीं, बल्कि क्षेत्र में तैनात किए गए हैं ताकि ईरान के खिलाफ हवाई और नौसेना अभियान का समर्थन किया जा सके। पेंटागन ने स्पष्ट किया कि इन सैनिकों को ग्राउंड इंवेजन के लिए नहीं भेजा गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका-इजराइल युद्ध के ज़रिए ईरान में सत्ता परिवर्तन हासिल कर लिया गया है। उन्होंने मीडिया से कहा, “हमने सत्ता परिवर्तन तो कर ही लिया है, मुझे पूरा भरोसा है कि हम ईरानियों के साथ जल्दी कोई समझौता कर लेंगे।” ट्रंप ने यह भी कहा कि इस महीने चले संघर्ष में कई ईरानी नेताओं की मौत हुई है।

ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में मीडिया से बातचीत में कहा, “हम ऐसे लोगों से निपट रहे हैं जिनसे पहले किसी ने नहीं निपटा है। यह बिल्कुल अलग समूह है। इसलिए मैं इसे सत्ता परिवर्तन ही मानूंगा।”

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उनकी सेनाएं अमेरिकी सैनिकों के आगमन का इंतजार कर रही हैं। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने कहा, “हमारी गोलाबारी जारी है। हमारी मिसाइलें अपनी जगहों पर तैनात हैं और हमारा संकल्प और विश्वास बढ़ गया है।”

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