टोक्यो पैरालंपिक : दिव्यांगता की चुनौतियों को पछाड़कर ऐसे बना ‘गोल्डन’ शूटर

जुबिली स्पेशल डेस्क

टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय एथलीट्स का शानदार प्रदर्शन कर रहे है और अब तक भारत ने टोक्यो पैरालंपिक खेलों में कुल 15 पदक अपने नाम किया है। इसके साथ ही बैडमिंटन में दो पदक मिलने की उम्मीद है।

भारत के लिए शनिवार का दिन स्वर्णिम साबित हुआ। शनिवार को शूटिंग में भारतीय पैराशूटर्स ने जानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक जीते है। मनीष नरवाल ने P4 मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल एसएच-1 में देश के लिए सोना जीता है।

उन्होंने फाइनल में 218.2 स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया। खास बात ये रही कि इस इवेंट में दूसरे नंबर पर भी भारतीय एथलीट सिंहराज दूसरे स्थान पर रहे और उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

हरियाणा सरकार ने टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेता मनीष नरवाल को 6 करोड़ रुपए और रजत पदक विजेता सिंहराज अधाना को 4 करोड़ रुपए इनाम देने का बड़ा ऐलान किया है। दोनों खिलाड़ियों को पीएम मोदी ने बधाई दी है।

मनीष नरवाल भले ही शूटिंग में अपना दमखम दिखा रहे हो लेकिन कभी वो फुटबॉलर बनना चाहते थे। हालांकि ऐसा हो नहीं पाया क्योंकि दिव्यांगता की चुनौतियां थी। इसके बावजूद मनीष नरवाल ने चुनौतियां को सामना करते हुए एथलीट बनने के इरादे को रोक नहीं सकता है। जानकारी के मुताबिक मनीष ने पिता और सहयोगियों की सलाह पर 2016 में शूटिंग में अपने को तैयार करने का बड़ा कदम उठाया। नरवाल ने हरियाणा के फरीदाबाद में शूटिंग करनी शुरू की।

मनीष नरवाल ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और बहुद इसका फल मिलने लगा। नरवाल कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में जीत हासिल कर चुके हैं।

पीएम नरेद्र मोदी ने मनीष नरवाल और सिंहराज अधाना से बात की, उन्हें शूटिंग में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने पर बधाई दी। दोनों एथलीटों ने पैरा-एथलीटों को प्रधानमंत्री के बार-बार प्रोत्साहन की सराहना की और उनका समर्थन करने के लिए पीएम को धन्यवाद दिया है।एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा है, ”उनके इस करतब से भारत खुश है। उन्हें बधाई और भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।

मनीष नरवाल को 2020 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। मनीष सोनीपत के रहने वाले हैं। हालांकि उनके पिता दिलबाग सिंह काफी साल पहले फरीदाबाद आ गए थे।

जहां तक मनीष के प्रदर्शन की बात है तो उन्होंने जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में 10 मी और 50 मीटर इवेंट में एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किये थे और इसके बाद लगने लगा था कि वो ओलम्पिक में इसी तरह का प्रदर्शन कर सकते हैं।

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