महाकुंभ में भगदड़ तो मची ही नहीं…ये तो सरासर झूठ बोल रहे साहब ! ये देखों सबूत

जुबिली स्पेशल डेस्क

प्रयागराज महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के महापर्व पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर मौजूद थे। अमृत स्नान के उत्साह और भीड़ के भारी दबाव के चलते रात्रि में भगदड़ जैसी स्थित बन गई थी।

महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के अमृत स्नान पर प्रयागराज के संगम तट पर मध्य रात्रि से ही करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे।

यही नहीं, बड़ी संख्या में एक दिन पहले से ही श्रद्धालु संगम तट पर डटे हुए थे। इससे घाटों पर भीड़ अनियंत्रित हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ के दबाव के चलते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। महाकुंभ में मची भगदड़ और इसमें 20 से अधिक लोगों की मौत की खबर से पूरा देश में शोक की लहर है। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक की इस घटना पर रिएक्शन आया है।

इसी बीच कुंभ नगरी के एसएसपी राजेश द्विवेदी का बयान सवालों के घेरे में है और अब बवाल मच गया है। सोशल मीडिया पर उनके बयान पर जोरदार हमला बोला जा रहा है। दरअसल उन्होंने इस घटना को भगदड़ मानने से ही इनकार कर दिया। उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि महाकुंभ में भगदड़ मची ही नहीं।

न्यूज एजेंसी की ओर से अपने सवाल में भगदड़ के बारे में पूछा गया, लेकिन सवाल खत्म होने से पहले ही आईपीएस राजेश द्विवेदी ने जवाब दे दिया।कहा कि यहां कोई स्टैंपीड (भगदड़) वाली बात ही नहीं थी। थोड़ी भीड़ ज्यादा हो गई थी, इसलिए कुछ श्रद्धालु घायल हो गए।

इसी के साथ उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और जो घाट खुले हैं, वहीं पर स्नान करें। मूल रूप से उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के रहने वाले आईपीएस राजेश द्विवेदी ने ग्रेजुएशन के बाद एमबीए तक की पढ़ाई की है।

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