आना था छुट्टी पर घर, अब आ रही है लाश

मल्लिका दूबे
गोरखपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मंगलवार को हुए नक्सली हमले में यूपी के गोरखपुर का एक लाल भी शहीद हो गया। नियति का खेल देखिए, जिस जवान को दो दिन बाद ही छुट्टी पर घर आना था, अब उसकी पार्थिव शरीर आ रहा है।
एक माह पहले घर से वापस ड्यूटी पर गए इस जवान ने परिवार से वादा किया था कि चुनाव में छुट्टी मिलनी मुश्किल है लेकिन वह इसी माह अपनी भांजी की शादी में शामिल होने जरूर आएगा।

गोरखपुरी माटी के लाल थे दंत्तेश्वर मौर्य
दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक भीमा मंडावी के जिस वाहन पर नक्सलियों ने अटैक किया, उसमें गोरखपुर की माटी के लाल दंतेश्वर मौर्य भी थे। हमले में विधायक समेत पांच जवान शहीद हो गये। मूलत: कौड़ीराम इलाके के माहोपार के रहने वाले रामानुज मौर्य के पुत्र दंतेश्वर करीब 12 साल पहले छत्तीसगढ़ पुलिस में भर्ती हुए थे।
बड़े भाई योगेंद्र मौर्य भी छतीसगढ़ पुलिस में सेवारत हैं। दंतेश्वर को कमांडो ट्रेनिंग भी मिली थी। उनकी पत्नी मीनाक्षी बड़हलगंज में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की टीचर हैं और बड़हलगंज में ही रहती हैं। सात साल का बेटा है आग्रह मौर्य। दंतेश्वर के शहादत की खबर आने के बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ है।
18 को है भांजी की शादी, 12 को आना था घर
शहीद पुलिसकर्मी दंतेश्वर मौर्य के बहन की बेटी की शादी 18 अप्रैल को तय है। इसी में शिरकत करने के लिए दंत्तेश्वर ने घरवालों से कहा था कि 12 अप्रैल को छुट्टी पर आएंगे। जिस समय उनके शहीद होने की सूचना आयी, उनकी मां बेटी के यहां शादी की तैयारियों में गयी थी। बेटे के न रहने की खबर मिलते ही वह सदमें में आ गयीं।



