ट्रंप की चेतावनी के बाद तेहरान दहला, तेल डिपो पर हमले से लगी भीषण आग

जुबिली स्पेशल डेस्क

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump की कड़ी चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद Iran की राजधानी Tehran में बड़ा हवाई हमला हुआ। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार शनिवार को शहर के एक बड़े तेल डिपो को अमेरिका और Israel के संयुक्त हमले में निशाना बनाया गया। यह हमला ईरान के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर अब तक का पहला बड़ा हमला बताया जा रहा है।

हमले के बाद ऑयल स्टोरेज टैंक में भीषण आग लग गई और आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखाई दिया। सोशल मीडिया और स्थानीय फुटेज में आग की ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुएं का घना बादल देखा जा सकता है। फिलहाल नुकसान का पूरा आंकलन नहीं हो पाया है, लेकिन इसे तेहरान पर हाल के समय में हुआ सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है।

इस हमले के जवाब में ईरान की ताकतवर सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उसने इजराइल के उत्तरी शहर Haifa में स्थित एक रिफाइनरी को निशाना बनाया है। ईरान ने तेल रिफाइनरी और डिपो पर हमले को आक्रामकता और आतंकवाद की कार्रवाई बताते हुए कहा है कि यह सीधे तौर पर युद्ध भड़काने वाली घटना है। कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी इस तरह के हमलों को “एक्ट ऑफ वॉर” मान रहे हैं।

सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहे निशाने

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा रहा है। तेल डिपो, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक सुविधाओं पर हमले को मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति माना जा रहा है, ताकि आम लोगों में भय पैदा हो और सरकार पर दबाव बढ़े।

ईरानी मीडिया का दावा है कि हाल के हमलों में एक एंबुलेंस भी नष्ट हो गई है। इससे पहले क्षेत्र में एक स्कूल पर हुए हमले में 100 से अधिक बच्चों की मौत की खबर भी सामने आई थी, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

खाड़ी क्षेत्र में भी बढ़ा तनाव

युद्ध के आठवें दिन भी ईरान ने अपने हमले जारी रखे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने Dubai, Saudi Arabia और इजराइल के ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। वहीं Hezbollah की ओर से भी Lebanon की सीमा से इजराइल पर ड्रोन हमलों की खबर सामने आई है।

तेहरान के तेल डिपो पर हुआ हमला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि ये फ्यूल सुविधाएं राजधानी और आसपास के इलाकों में ऊर्जा सप्लाई की रीढ़ मानी जाती हैं। ऐसे में इन पर हमला सीधे तौर पर आम लोगों की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित कर सकता है।

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