तालिबान ने पंजशीर को पूरी तरह अपने कब्जे मे लेने का किया दावा

जुबिली न्यूज डेस्क

अफगानिस्तान में तालिबान ने दावा किया है कि उसने पंजशीर प्रांत पर उसका पूरा नियंत्रण कर लिया है।

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक बयान जारी कर कहा है कि अफगानिस्तान के आखिरी गढ़ पंजशीर जिस पर उसका कब्जा नहीं था, अब वह उसके नियंत्रण में आ चुका है।

हालांकि, अब तक तालिबान के खिलाफ लड़ रहे विरोधी बलों की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन सोशल मीडिया पर आ रही तस्वीरों में तालिबान लड़ाके प्रांतीय गवर्नर के कंपाउंड के दरवाजे के आगे खड़े हैं।

वहीं रविवार को यह भी खबर आई थी कि विरोधी गुट के अफगान के नेता अहमद मसूद ने कहा था कि वो तालिबान का सैन्य अभियान रोकने के लिए शांति वार्ता के इच्छुक हैं।

वहीं तालिबान ने अपने बयान में कहा है कि अफगान लोगों को अब शांतिपूर्ण ख़ुशहाल जिंदगी, स्वतंत्रता का आनंद और भाईचारा मिलेगा।

अहमद मसूद तालिबान से बातचीत को तैयार

अफगानिस्तान के पंजशीर में जारी संघर्ष के बीच विरोधी समूह ने कहा है कि उनके दरवाजे तालिबान के साथ शांति वार्ता के लिए खुले हुए हैं।

मसूद ने कहा है कि उन्होंने एक योजना का समर्थन किया है जिसे धार्मिक नेताओं ने आगे बढ़ाया है जो कि एक समझौते के लिए है और उन्होंने तालिबान से संघर्ष समाप्त करने को कहा है।

इसके पहले आई रिपोर्ट में बताया गया था कि तालिबान ने पंजशीर में तेजी से अपनी पकड़ बनाई है। राजधानी काबुल से उत्तर में मौजूद इस प्रांत ने तालिबान के शासन के खिलाफ विद्रोह दिखाया है।

तीन सप्ताह पहले 15 अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था और पश्चिम समर्थित सरकार अपने आप ढह गई थी।

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अहमद मसूद ने क्या कहा?

एक फेसबुक पोस्ट में तथाकथित नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट ऑफ अफगानिस्तान (NRF) के प्रमुख मसूद ने कहा कि वो लड़ाई रोकने को तैयार हैं, अगर तालिबान हमले बंद कर दे। हालांकि तालिबान की ओर से तुरंत कोई जवाब अब तक नहीं आया है।

मालूम हो कि पंजशीर एक घाटी है जिसमें 1.5 से 2 लाख लोग रहते हैं। 1980 में सोवियत रूस के कब्जे और 1996 से 2001 के बीच तालिबान के शासन के दौरान भी यह विद्रोह का केंद्र रहा है।

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हृक्रस्न ने कहा है कि संघर्ष के दौरान उसके प्रवक्ता फहीम दश्ती और कमांडर जनरल अब्दुल वदूद जारा की मौत हुई है जबकि एक प्रसिद्ध तालिबान जनरल और 13 बॉडीगार्ड की भी मौत हुई है।

इससे पहले तालिबान ने कहा था कि उसके लड़ाके प्रांतीय राजधानी बजारक में दाखिल हो गए हैं और वहां पर उन्होंने बहुत नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, हृक्रस्न ने इसे खारिज किया है।

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