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	<title>शिवराज सरकार Archives &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
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	<link>https://www.jubileepost.in/tag/शिवराज-सरकार/</link>
	<description>News &#38; Information Portal</description>
	<lastBuildDate>Fri, 17 Nov 2023 19:47:24 +0000</lastBuildDate>
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		<title>MP में बंपर वोटिंग से क्या बदलाव की आहट है?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/is-there-a-sign-of-change-due-to-bumper-voting-in-mp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Nov 2023 19:47:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[Is there a sign of change due to bumper voting in MP?]]></category>
		<category><![CDATA[mp]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़ विधानसभा]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिवराज सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली स्पेशल डेस्क मध्य प्रदेश की 230 और छत्तीसगढ़ विधानसभा की दूसरे व अंतिम चरण की 70 सीटों पर शुक्रवार को मतदान खत्म हो गया है। हालांकि इस दौरान दोनों राज्यों में हिंसा और मारपीट भी देखने को मिली लेकिन इस दौरान बंपर वोटिंग की सूचना है। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में रात 11 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong>जुबिली स्पेशल डेस्क</strong></span></p>
<p>मध्य प्रदेश की 230 और छत्तीसगढ़ विधानसभा की दूसरे व अंतिम चरण की 70 सीटों पर शुक्रवार को मतदान खत्म हो गया है। हालांकि इस दौरान दोनों राज्यों में हिंसा और मारपीट भी देखने को मिली लेकिन इस दौरान बंपर वोटिंग की सूचना है।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में रात 11 बजे तक 76.22 प्रतिशत तो छत्तीसगढ़ में 72.70 प्रतिशत मतदान होने की खबर है। इतना ही नहीं एमपी में पिछले विधानसभा के वोटिंग रिकॉर्ड इस बार टूट गया ह।</p>
<p>एमपी में 2018 के चुनाव में 75.63 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मतदान खत्म हो गया है और प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-195481" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/11/kamal-nath-shivraj-chauhan-e1700250260621.jpg" alt="" width="600" height="338" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/11/kamal-nath-shivraj-chauhan-e1700250260621.jpg 600w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/11/kamal-nath-shivraj-chauhan-e1700250260621-300x169.jpg 300w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></p>
<p>इसके साथ ही तीन दिसम्बर को फैसला भी आ जायेगा। अच्छे मतदान होने से ऐसा लग रहा है कि इस बार मध्य प्रदेश में बड़ा उलटफेर हो सकता है। शिवराज सरकार वापसी का दावा कर रही है लेकिन कांग्रेस को जनता का विश्वास है और वो सत्ता में लौट रही है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong>ऐसे में दोनों पार्टी जीत का दावा कर रही है और अब देखना होगा कि जनता किसको चुनती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मतदान करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि इसी माटी के हम सब बेटा-बेटी हैं और अपनी जन्मभूमि और मातृभूमि पर माताओं-बहनों, भाइयों और भांजा-भांजियों का स्नेह मिल रहा है, मेरे लिए यही मेरी असली ताकत है. मुख्यमंत्री पद का दावेदार जनता और पार्टी तय करेगी। दूसरी तरफ कांग्रेस नेता कमलनाथ कांग्रेस की सरकार बनने की बात कह रहे हैं और उनके अनुसार जनता इस बार कांग्रेस को सत्ता में ला रही है।दोनों सूबों में जीत के दावों के बीच दोनों ओर से दिग्गजों ने दबी जुबान में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी भी ठोंक दी। </strong></span></p></blockquote>
<p>पिछली बार कांग्रेस मध्य प्रदेश में जीत हासिल की थी लेकिन बाद में कांग्रेस की बगावत की वजह से वहां पर कमलनाथ की सरकार गिर गई थी और फिर से बीजेपी दोबारा आ गई है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इसे कहते हैं तोप से मच्छर मारना, देखों वीडियो</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/this-is-called-killing-mosquitoes-with-a-cannon-watch-the-video/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 Apr 2022 09:41:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[अनुराग नाम]]></category>
		<category><![CDATA[इसे कहते हैं तोप से मच्छर मारना]]></category>
		<category><![CDATA[कथा वाचक महंत सीताराम दास]]></category>
		<category><![CDATA[देखों वीडियो]]></category>
		<category><![CDATA[पत्रकार बृजेश राजपूत]]></category>
		<category><![CDATA[बुलडोजर]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान]]></category>
		<category><![CDATA[शिवराज सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[शिवराज सिंह]]></category>
		<category><![CDATA[हिस्ट्रीशीटर]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क एक कहावत है तोप से मच्छर मारना। इस कहावत का अर्थ अमूमन सभी को पता होगा। यह कहावत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अधिकारियों के कामकाज पर एकदम सटीक बैठ रही है। दरअसल सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश के रीवा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>एक कहावत है तोप से मच्छर मारना। इस कहावत का अर्थ अमूमन सभी को पता होगा। यह कहावत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अधिकारियों के कामकाज पर एकदम सटीक बैठ रही है।</p>
<p>दरअसल सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश के रीवा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शिवराज सिंह के अधिकारी एक झोपड़ी नुमा ढाबे को बुलडोजर से गिराते नजर आ रहे हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-252368 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/04/buldozar.jpg" alt="" width="687" height="386" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/04/buldozar.jpg 687w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/04/buldozar-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 687px) 100vw, 687px" /></p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह ढाबा रीवा के माफिया दीपक सिंह का है। इस वीडियो को लेकर ही सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रिया दी जा रही है।</p>
<p>नवीन सिंह नाम के एक ट्विटर हैंडल से इस वीडियो को शेयर कर लिखा गया, &#8216; माफिया के आलीशान ठिकाने पर मामा का बुलडोजरज् रीवा के माफिया दीपक सिंह के ढाबे पर बुलडोजर चलाया गया। जबकि नगर निगम के चार कर्मचारी से मिनटों में गिरा सकते थे लेकिन नंबर बढ़ाने के लिए रीवा प्रशासन यह किया। इस कार्रवाई के लिए रीवा प्रशासन को 100 तोपों की सलामी देनी चाहिए।&#8217;</p>
<p>अनुराग नाम के ट्विटर हैंडल से तंग करते हुए लिखा गया, &#8216;ये रीवा का प्रशासन है ये हिस्ट्रीशीटर दीपक सिंह का आलीशान ढाबा है। जिसे 5 बुलडोजर मिलकर नहीं गिरा पाए तो विदेश से आए इस बुलडोजर ने जमींदोज किया, मतलब कुछ भी भैया।</p>
<p>इस वीडियो पर पत्रकार बृजेश राजपूत लिखते हैं – मरियल ढाबा महाबली क्रेन.. बहुत नाइंसाफी.. शिवराज सिंह चौहान का आदेश है तो चलेगा बुलडोजर ही भले झोपड़ी हो।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">ये रीवा का प्रशासन है, ये हिस्ट्रीशीटर दीपक सिंह का &#8220;आलीशान ढाबा&#8221; है जिसे 5 बुलडोजर मिलकर नहीं गिरा पाये तो विदेश से आये इस बुलडोजर ने जमींदोज़ किया <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f642.png" alt="🙂" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> मतलब कुछ भी भैय्या ये हिला देने से गिर जाता ऐसी भी क्या छपास <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f642.png" alt="🙂" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> <a href="https://t.co/7ZWaYBYgtR">pic.twitter.com/7ZWaYBYgtR</a></p>
<p>— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) <a href="https://twitter.com/Anurag_Dwary/status/1510831541194465284?ref_src=twsrc%5Etfw">April 4, 2022</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>रितेश सिंह ने इस वीडियो पर लिखा कि जितना बड़ा बुलडोजर होगा, प्रशासन का भौकाल उतना ही बढिय़ा बनेगा। विपक्ष ने बुलडोजर बोल-बोल कर एक प्रतीक स्थापित कर दिया है, अब इसके जरिए ही नया इतिहास लिखा जाएगा और सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।</p>
<p>एक अन्य यूजर कुमुद सिंह ने कमेंट किया, &#8216; इसे कहते हैं तोप से मच्छर मारना। यह देश मजेदार है।&#8217;</p>
<p>संजय नाम के एक ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि मामा तो बाबा की राह पर चल निकले हैं।</p>
<h3><span style="color: #800000;"><strong>दुष्कर्म के आरोपी के घर पर भी हाल में ही चला है बुलडोजर</strong></span></h3>
<p>एमपी के रीवा जिले के सर्किट हाउस में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी कथा वाचक महंत सीताराम दास के पुश्तैनी मकान पर भी शिवराज सरकार में बुलडोजर चलवाया है। सीएम चौहान ने इस मामले में बुलडोजर चलाने के आदेश दिए थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इसलिए MP के 60 प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस हुए कैंसिल</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/thats-why-the-licenses-of-60-private-hospitals-of-mp-were-canceled/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Aug 2021 07:20:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[licenses of 60 private hospitals of mp show cause notice to]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Shivraj government]]></category>
		<category><![CDATA[एमपी नर्सिंग होम एंड क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[ताजा समाचार]]></category>
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		<category><![CDATA[भोपाल समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[लोकल समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[शिवराज सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य विभाग]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली स्पेशल डेस्क भोपाल। मध्य प्रदेश(MP) के स्वास्थ्य विभाग ने 60 अस्पतालों के लाइसेंस रद्द करने का कड़ा कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों को अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था। इसके बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए एमपी नर्सिंग होम एंड क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 1973 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong>जुबिली स्पेशल डेस्क</strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>भोपाल।</strong> </span>मध्य प्रदेश(MP) के स्वास्थ्य विभाग ने 60 अस्पतालों के लाइसेंस रद्द करने का कड़ा कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों को अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong>इसके बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए एमपी नर्सिंग होम एंड क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 1973 और नियम 1997 के तहत इनका लाइसेंस रद्द करने का फैसला किया है।</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff6600;"><strong>इसके आलावा 301 अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस भी थमाया है। इतना ही नहीं सरकार ने एक अहम आदेश में कहा है कि अस्पतालों को सुविधाओं में सुधार करने और कम से कम तीन एमबीबीएस डॉक्टरों की नियुक्ति करने के आदेश दिए हैं।</strong></span></p></blockquote>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-221026" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/05/Shivraj-Singh-e1627888514154.jpg" alt="" width="600" height="337" /></p>
<p>बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर का कहर मध्य प्रदेश में भी खूब टूटा था और 4000 से अधिक लोगों की जिंदगी खत्म हो गई थी। इसके बाद सूबे स्वास्थ्य विभाग जागा और आनन-फानन में 692 अस्पतालों का निरीक्षण कर डाला है।</p>
<p>जानकारी मिल रही है कि कई जिलों में अस्पतालों को लेकर शिकायते मिल रही थी। कोरोना काल में उनका आरोप था कि इन अस्पतालों ने ऑक्सीजन और दवाओं सहित कोई भी सुविधा प्रदान नहीं की।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/will-the-days-of-brahmins-be-many-in-the-politics-of-up/">यूपी की सियासत में क्या ब्राह्मणों के दिन बहुरेंगे ?</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/why-did-i-write-this/">डंके की चोट पर : इसे मैंने आखिर लिख क्यों दिया?</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/it-was-not-said-that-sindhu-was-the-future-saina/">ऐसे ही नहीं कहा गया था सिंधु को भावी सायना</a></strong> </span></p>
<p>शिवराज सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करना चाहती है। इस वजह से कड़े कदम उठा रही है। चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, कि स्वास्थ्य विभाग की आंतरिक जांच में, यह पाया गया कि निजी अस्पतालों में इलाज में देरी और खराब इलाज के कारण कई लोगों की मौत हुई।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/coronas-third-wave-will-reach-peak-in-october-report/">कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर में पहुंचेगी पीक पर : रिपोर्ट</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/gul-panag-gheraoed-pm-modi-said-our-pm-will-hold-a-press-conference/">गुल पनाग ने पीएम मोदी का किया घेराव, कहा- हमारे पीएम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस…</a></strong></span></p>
<p>जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जून और जुलाई में 52 जिलों के अस्तपालों का दौरा किया था और कई अस्तपालों में अनियमितताओं और नियमों का खुलेआम धज्जियां उठायी जा रही थी। इसके बाद सरकार ने इन अस्तपालों पर कड़ा एक्शन लिया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोरोना टीकाकरण में भी शिवराज सरकार ने पेश की मिसाल</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/shivraj-government-also-set-an-example-in-corona-vaccination/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Jun 2021 10:44:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[ओपिनियन]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली डिबेट]]></category>
		<category><![CDATA[शिवराज सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[कृष्णमोहन झा  यूं तो गत अनेक वर्षों से विश्व के अधिकांश देशों की भांति भारत में भी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस के अवसर पर नागरिकों का उत्साह देखते ही बनता है परन्तु इस वर्ष देश की जनता योगदिवस की अधीरता से प्रतीक्षा कर रही थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ दिन पूर्व ही राष्ट्र &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-197837 alignleft" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/11/कृष्णमोहन-झा-.jpg" alt="" width="113" height="79" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/11/कृष्णमोहन-झा-.jpg 650w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/11/कृष्णमोहन-झा--300x212.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 113px) 100vw, 113px" />कृष्णमोहन झा </strong></span></p>
<p>यूं तो गत अनेक वर्षों से विश्व के अधिकांश देशों की भांति भारत में भी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस के अवसर पर नागरिकों का उत्साह देखते ही बनता है परन्तु इस वर्ष देश की जनता योगदिवस की अधीरता से प्रतीक्षा कर रही थी।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ दिन पूर्व ही राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस की शुभ तिथि से देश में कोरोना टीकाकरण के महाअभियान के शुभारंभ की घोषणा की थी।</p>
<p>कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता से त्रस्त लोगों को प्रधानमंत्री के उस संबोधन से उम्मीद की एक नई किरण दिखने की अनुभूति हुई थी यद्यपि कहीं न कहीं उनके मन में यह संशय भी बना हुआ था कि कोरोना टीकाकरण का यह महाअभियान क्या सच्चे अर्थों में एक महा अभियान साबित हो सकेगा किंतु महा अभियान के पहले दिन ही 78 लाख से अधिक लोगों के टीकाकरण की खुशखबरी ने लोगों के मन में अब यह भरोसा पैदा कर दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संपूर्ण देश में एक साथ प्नारंभ हुआ कोरोना टीकाकरण का महाअभियान अपने लक्ष्य और उद्देश्य को निश्चित समय सीमा के अंदर अर्जित करने में निःसंदेह सफल होगा।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong>जब देश के वैज्ञानिक बार बार एकमत से कोरोना की तीसरी लहर को अवश्यंभावी बता रहे हों तब कोरोना टीकाकरण के इस महाअभियान ने निश्चित रूप से लोगों को न केवल राहत की सांस लेने का सुखद अवसर प्रदान किया है बल्कि इससे अब उन्हें कोरोना की तीसरी लहर में अपने पास एक विशिष्ट सुरक्षा कवच होने का अहसास भी हो रहा है। </strong></span></p></blockquote>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी निःसंदेह इस महाअभियान के लिए साधुवाद के पात्र हैं। प्रधानमंत्री ने सातवें अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस के अवसर पर अपने संदेश में कोरोना संकट से निपटने में योग की महत्ता प्रतिपादित करते हुए कहा है कि जब दुनिया में अदृश्य वायरस ने दस्तक दी तब कोई इसके प्रकोप का सामना करने के लिए किसी भी देश के पास न तो पर्याप्त संसाधन थे और न‌ ही इतनी भयावह विपदा का सामना करने की सामर्थ्य थी तब योग ने उन्हें आत्म बल प्रदान किया।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी की पहली पर ही संयुक्त राष्ट्र ने प्रति वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस मनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया था । देश में 7वें योग दिवस के अवसर पर कोरोना टीकाकरण महाअभियान की शुरुआत करके प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के दूसरे देशों को यहां संदेश दिया है कि कोरोना संकट की भयावहता से उपजी निराशा पर काबू पाने में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में समर्थ है।</p>
<p>प्रधानमंत्री की इस घोषणा से भी कोरोना संकट से जूझती दुनिया को राहत की अनुभूति ‌होगी कि निकट भविष्य में संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से भारत अंतर्राष्ट्रीय जगत को एम योगा एप की सौगात देने जा रहा है ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-225953" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/06/shivraj-1.jpg" alt="" width="800" height="450" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/06/shivraj-1.jpg 800w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/06/shivraj-1-300x169.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/06/shivraj-1-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong> दुनिया की अनेक भाषाओं में तैयार इस एप के माध्यम से दूसरे देशों को कामन योग प्रोटोकॉल के तहत योग प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने की भारत की यह महत्वाकांक्षी योजना दुनिया भर में योग को और लोकप्रिय बनाएगी। इस एप के माध्यम से दुनिया यह जान सकेगी कि महामारी के दौर में आत्म बल को अक्षुण्ण बनाए रखने में योग कितना महत्वपूर्ण है। </strong></span></p>
<p><span style="color: #ff6600;"><strong>कोरोना टीकाकरण महाअभियान के पहले दिन देश भर में 85 लाख लोगों का टीकाकरण अपने आप में एक रिकार्ड है। कोरोना का टीका लगवाने के लिए जिस तरह पहले दिन ही बड़ी संख्या में लोगों ने स्वयं ही टीकाकरण केंद्रों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई वह उनकी जागरूकता की परिचायक थी । अतीत में लोगों के मन में टीके के काल्पनिक पार्श्व प्रभावों को लेकर जो भय बना हुआ था वह भी अब दूर होने लगा है । </strong></span></p></blockquote>
<p>लोगों की गलतफहमियां दूर कर उन्हें टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने में निश्चित रूप से प्रशासन,स्वयंसेवी संगठनों , धर्म गुरुओं और समाज के प्रतिनिधियों की पहल निश्चित रूप से सराहनीय है और यह टीकाकरण के लक्ष्य को समय सीमा के अंदर पूरा करने में सहायक सिद्ध होगी ।</p>
<p>देश में जब पहली बार सरकार ने टीका उत्सव की शुरुआत की थी तब टीकों की पर्याप्त उपलब्धता के अभाव की खबरों ने सरकार को आलोचना सहने के लिए विवश कर दिया था।</p>
<p>कई राज्यों में टीकाकरण केंद्रों पर टीकों की व्यवस्थित आपूर्ति न होने से कुछ टीकाकरण केंद्र बंद करने की नौबत भी आ गई थी। उन सब बातों को ध्यान में रखते हुए ही केंद्र सरकार ने यह फैसला किया कि अब टीका निर्माता कंपनियों से 75 प्रतिशत टीके खरीद कर वह राज्य सरकारों को उनकी मांग के अनुसार उपलब्ध कराएगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-225954" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/06/shivraj-2-e1624358517552.jpg" alt="" width="600" height="338" /></p>
<p>इसमें कोई संदेह की गुंजाइश नहीं है कि यदि राज्य सरकारों की मांग और केंद्र सरकार द्वारा उन्हें की जाने वाली आपूर्ति में संतुलन बना रहता है तो भारत का यह टीकाकरण महाअभियान सारी दुनिया के सामने एक मिसाल पेश करने में समर्थ होगा।</p>
<p>कोरोना टीकाकरण महाअभियान के पहले दिन मध्यप्रदेश में सर्वाधिक 16 लाख चौहत्तर हजार के लगभग टीके लगाए गए हैं जो देश में पहले दिन हुए कुल टीकाकरण का 20 प्रतिशत से भी अधिक है और इसका मुख्य श्रेय पाने के अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान हैं जो कोरोना की दूसरी लहर के दौरान निरंतर राज्य की जनता के संपर्क में रहे और समय समय पर अपने संदेशों के माध्यम से उन्हें कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रेरित करते रहे।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-224559" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/06/corona-vaccine.jpg" alt="" width="640" height="361" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/06/corona-vaccine.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/06/corona-vaccine-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong> कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे थे तब मुख्यमंत्री के सक्रिय प्रयासों से ही राज्य में स्थिति को काबू में लाने में सफलता मिली और संक्रमण के मामलों में मध्यप्रदेश 5 से 15 वें स्थान पर पहुंच गया। </strong></span></p>
<p><span style="color: #ff6600;"><strong>मध्यप्रदेश में जिस तरह कोरोना संक्रमण से निपटने की शिवराज सरकार की रणनीति दूसरे राज्यों के लिए एक मिसाल बन गई थी उसी तरह कोरोना टीकाकरण महाअभियान को मध्यप्रदेश में सफल बनाने के लिए कृत-संकल्प मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की रणनीति भी अन्य प्रदेशों के लिए मिसाल बन चुकी है।</strong></span></p></blockquote>
<p>अतीत में विकास के शिवराज माडल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की दूसरी राज्य सरकारों के अनुकरणीय बताया था और आज टीकाकरण की शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करने वाली मध्य प्रदेश सरकार की रणनीति दूसरे राज्यों के आदर्श बन गई है।</p>
<p>दरअसल मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की कार्यशैली ही कुछ ऐसी है जो हर अभियान में उनकी सफलता पहले ही सुनिश्चित कर देती है कोरोना टीकाकरण महाअभियान के पहले दिन प्रदेश के तीन स्थानों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और लोगों टीके लगवाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया।</p>
<p>उनका पहला मुकाम दतिया था जहां उन्होंने मां पीतांबरा के मंदिर में पूजा अर्चना कर राज्य में टीकाकरण अभियान की सफलता के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया । इसके बाद वे एक समीपस्थ ग्राम में लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने हेतु आयोजन में शामिल हुए।</p>
<p>दोपहर में उन्होंने भोपाल के अन्ना नगर तथा शाम को अपने निर्वाचन क्षेत्र बुधनी का दौरा भी किया। हर जगह मुख्यमंत्री की अपील का लोगों पर विशेष प्रभाव परिलक्षित किया गया और उसके बाद समीपस्थ टीकाकरण केंद्रों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-221573" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/05/corona-2.jpg" alt="" width="640" height="379" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/05/corona-2.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/05/corona-2-300x178.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>टीकाकरण महाअभियान को सफल बनाने के लिए पहले दिन ही मध्यप्रदेश की जनता ने जो उत्साह प्रदर्शित किया है उससे मुख्यमंत्री का अभिभूत होना स्वाभाविक है और उन्होंने इसे जन भागीदारी का अद्भुत माडल बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।</p>
<p>देश में दो तीन महीनों के अंदर कोरोना की तीसरी लहर के दस्तक देने की जो आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं उसने भी लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया है ।</p>
<p>यह इस बात का भी परिचायक है कि लोगों में कोरोना संकट को लेकर जागरूकता बढ़ी है और वे अब दूसरों को भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह सिलसिला निरंतर जारी रहना चाहिए।</p>
<p>सबसे बड़ी बात यह है कि टीका लगवाने के बाद कोविड प्रोटोकॉल की अनदेखी करने से बचना होगा। कोरोना का टीका हमें संक्रमण के विरुद्ध सुरक्षा कवच अवश्य प्रदान करता है परंतु इसका यह अर्थ कतई नहीं है कि हम कोरोना संकट से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं। जब तक दुनिया से कोरोना का नामोनिशान ही नहीं मिट जाता तब तक हमें सतर्क रहना होगा।</p>
<blockquote><p><span style="color: #0000ff;"><strong>(लेखक IFWJ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और डिज़ियाना मीडिया समूह के सलाहकार है)</strong></span></p></blockquote>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>भाजपा के लिए खतरे की घंटी हैं दमोह में पराजय</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/defeat-in-damoh-is-a-bell-of-danger-for-bjp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 May 2021 11:47:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[ओपिनियन]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली डिबेट]]></category>
		<category><![CDATA[Defeat in Damoh is a bell of danger for BJP]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य विधानसभा]]></category>
		<category><![CDATA[राहुल सिंह लोधी]]></category>
		<category><![CDATA[शिवराज सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[कृष्णमोहन झा मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार को राज्य विधानसभा के अंदर इतना बहुमत हासिल है कि एक विधान सभा सीट के उपचुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी के प्रत्याशी की हार से उसकी प्रतिष्ठा पर आंच नहीं आना चाहिए थी परंतु विगत दिनों संपन्न दमोह विधानसभा सीट के उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी की करारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-175326 alignleft" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/krishna-mohan-jha.jpg" alt="" width="150" height="106" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/krishna-mohan-jha.jpg 650w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/06/krishna-mohan-jha-300x212.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" />कृष्णमोहन झा</strong></span></p>
<p>मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार को राज्य विधानसभा के अंदर इतना बहुमत हासिल है कि एक विधान सभा सीट के उपचुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी के प्रत्याशी की हार से उसकी प्रतिष्ठा पर आंच नहीं आना चाहिए थी परंतु विगत दिनों संपन्न दमोह विधानसभा सीट के उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी की करारी हार ने सत्तारूढ़ पार्टी ही नहीं बल्कि शिवराज सरकार को भी स्तब्ध कर दिया है।</p>
<p>आश्चर्य जनक बात तो यह है कि मात्र एक सीट के उपचुनाव परिणाम ने सरकार और पार्टी को इस स्थिति में ला दिया है मानों उसके पैरों के नीचे की जमीन ही खिसक गई हो।</p>
<p>दमोह के उपचुनाव में कांग्रेस की शानदार विजय से एक ओर जहां उसके नेता और कार्यकर्ता फुले नहीं समा रहे हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार और संगठन को मानों सांप ‌सूंघ गया है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong>यह भी कम आश्चर्यजनक बात नहीं है कि जिस कांग्रेस प्रत्याशी ने 2018 में संपन्न विधानसभा चुनावों में यहां भाजपा उम्मीदवार को 790 मतों से हरा दिया था उसे ही भाजपा प्रत्याशी के रूप में दमोह के मतदाताओं ने 17 हजार मतों के भारी अंतर से हरा दिया।</strong></span></p></blockquote>
<p>भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी की करारी हार का सबसे पहला संदेश तो यही है कि दमोह के मतदाताओं को राहुल सिंह लोधी का कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लेने का फैसला पसंद नहीं आया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-220751" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/05/SHIVRAJ-e1620215030441.jpg" alt="" width="600" height="338" /></p>
<p>दमोह के मतदाताओं की मंशा भी अगर ‌यही थी कि राहुल सिंह लोधी कांग्रेस ‌छोडकर भाजपा में शामिल हो जाएं तो ‌विगत दिनों संपन्न उपचुनाव में वही मतदाता उन्हें भाजपा प्रत्याशी के रूप में जिताकर ईवीएम के मााध्य से अपनी मंशा उजागर कर सकते थे परंतु उन मतदाताओं ने राहुल सिंह लोधी को 17 हजार मतों के बड़े अंतर से हरा कर मानों उन्हें जनादेश का अपमान करने की सजा दे दी है।</p>
<p>दमोह के उपचुनाव में भाजपा की इस करारी हार में दरअसल पार्टी के लिए यह चेतावनी भी छिपी हुई है कि उसे राज्य में अपनी सत्ता को और मजबूत करने के लिए दल-बदल को प्रोत्साहित करने के सुनियोजित अभियान को अब विराम दे देना चाहिए।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong>आखिर क्या कारण है कि जो कांग्रेस विधायक को भाजपा में शामिल हुए हैं उन्हें मंत्रिमंडल अथवा निगम और मंडल में किसी पद के सम्मान से नवाजा जा रहा है।सवाल यह भी उठता है कि अगर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले ‌विधायकों को उपचुनाव में विजयी होने के बाद मंत्रिपद से नहीं नवाजा जाएगा तो क्या उनकी निष्ठा संदिग्ध हो सकती है</strong></span>।</p></blockquote>
<p>अगर ऐसा नहीं है तो उपचुनाव में सत्ताधारी दल के अधिकांश उम्मीदवारों को मंत्रिपद से नवाजने के पीछे आखिर कौन सी मजबूरी होती है।इस सवाल का‌ उत्तर तो सत्ता धारी दल को देना ही होगा।</p>
<p>मध्यप्रदेश विधानसभा के 2018 में संपन्न चुनावों में तत्कालीन शिवराज सरकार के अनेक वरिष्ठ मंत्री अपनी सीट ‌बचाने में सफल नहीं हो पाए थे। उन मंत्रियों में तत्कालीन वित्त मंत्री जयंत मलैया भी शामिल थे जो कांग्रेस उम्मीदवार राहुल सिंह लोधी से मात्र 790 मतों के मामूली अंतर से हार गए थे।</p>
<p>जयंत मलैया की हार का एक कारण यह भी माना गया था कि शिवराज सरकार के ही एक अन्य मंत्री डा रामकृष्ण कुसमरिया ने भाजपा की टिकट न मिलने से नाराज होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप के रूप मे दमोह सीट से पर्चा भर दिया था।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-220752" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/05/राहुल-सिंह-लोधी-कांग्रेस-‌छोडकर-भाजपा.jpg" alt="" width="700" height="400" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/05/राहुल-सिंह-लोधी-कांग्रेस-‌छोडकर-भाजपा.jpg 700w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/05/राहुल-सिंह-लोधी-कांग्रेस-‌छोडकर-भाजपा-300x171.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /></p>
<p>उस चुनाव में डा कुसमरिया को तो हार का सामना करना ही पड़ा परंतु उन्हें जितने मत मिले उससे भी कम मतों से जयंत मलैया चुनाव हार गए। राहुल सिंह लोधी ने मप्र विधानसभा में लगभग दो वर्ष तक कांग्रेस के विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व करने के बाद सत्ताधारी दल का दामन थाम लिया था जिसके कारण संवैधानिक प्रावधानों के तहत दमोह विधानसभा सीट में उप चुनाव कराया गया।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong>उपचुनाव में पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया भाजपा की टिकट के प्रमुख दावेदार थे परंतु पार्टी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राहुल सिंह लोधी को उम्मीद वार बना दिया। संभवतः ‌पार्टी यह मान चुकी थी कि उपचुनाव में राहुल सिंह लोधी की जीत की संभावनाएं जयंत मलैया से कहीं अधिक हैं। राहुल सिंह लोधी को भाजपा में शामिल होने के लिए उपकृत करना भी पार्टी की विवशता थी।</strong></span></p></blockquote>
<p>गौरतलब है कि गत वर्ष के प्रारंभ में जब सिंधिया गुट के 22 कांग्रेस विधायकों ने भाजपा में शामिल होकर तत्कालीन कमलनाथ सरकार के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी तब भी ‌भाजपा ने उन सभी को उनकी विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनाया था। ऐसा पहली बार नहीं हुआ था।</p>
<p>शिवराज सरकार के पिछले कार्यकाल में जब बहोरीबंद के तत्कालीन कांग्रेस विधायक संजय पाठक भाजपा में शामिल हुए थे उसके बाद हुए बहोरीबंद विधानसभा सीट के उपचुनाव में संजय पाठक को ही भाजपा ने न केवल अपना उम्मीदवार बनाया बल्कि उनके विजयी होने पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने उन्हें मंत्री पद से नवाज दिया था।</p>
<p>इसी तरह सिंधिया गुट के जिन विधायकों ने गत वर्ष भाजपा में शामिल होकर राज्य में भाजपा सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त किया उनमें से भी लगभग सभी विधायकों को मंत्री पद से नवाजना मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की विवशता थी।</p>
<p>ऐसा मानने के भी पर्याप्त कारण हैं कि अगर राहुल सिंह लोधी दमोह विधानसभा सीट के उपचुनाव में कामयाबी हासिल कर लेते तो वे भी शिवराज सरकार ने मंत्री पद के दावेदार हो ‌सकते थे परंतु उनकी पराजय ने उन्हें विधायक पद से भी वंचित ‌कर दिया।</p>
<p>आज उन्हें यह मलाल तो अवश्य होगा कि अगर वे कांग्रेस ‌छोडकर भाजपा में शामिल नहीं हुए होते तो वर्तमान विधानसभा में वे ‌दमोह की जनता के हक में आवाज उठाने के हकदार ‌बने रहते।</p>
<p>आज स्थिति यह है कि उन्होंने न केवल अपनी विधायकी खो दी है बल्कि दमोह की जनता का भरोसा भी खो दिया है।दमोह के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी की करारी हार के बाद पार्टी में हाय-तौबा की स्थिति दिखाई दे रही है ।</p>
<p>खुद राहुल सिंह लोधी यह आरोप लगा रहे हैं कि उनकी हार सुनिश्चित करने में शिवराज सरकार के पिछले कार्यकाल में वित्तमंत्री रहे दमोह के आठ बार के विधायक जयंत मलैया का बहुत बड़ा हाथ ‌है ।</p>
<p>जयंत मलैया ने इस आरोप से स्पष्ट इंकार करते हुए कहा है । शिवराज सरकार के वरिष्ठ मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दमोह में भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी की करारी हार के लिए पार्टी के अंदर मौजूद जयचंदों को जिम्मेदार ठहराया है।</p>
<p>नरोत्तम मिश्रा ने उन जयचंदों का नाम उजागर करने से भले ही परहेज़ किया हो परंतु उनके बयान से प्रकारांतर में राहुल सिंह लोधी के आरोप की ही पुष्टि होती है।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का कहना है कि दमोह में हम हारे जरूर हैं परंतु हमने ‌सीखा बहुत ‌है। पार्टी को प्रहलाद पटेल की इस प्रतिक्रिया में गहरे निहितार्थ खोजने की आवश्यकता है ।</p>
<p>अब देखना यह है कि पार्टी दमोह के उपचुनाव परिणाम से क्या सबक लेती है। दमोह के मतदाताओं पर जयंत मलैया का अच्छा खासा प्रभाव है और मंत्री न होने के बावजूद दमोह के किसी भी चुनाव में उनकी उपेक्षा पार्टी को आगे भी महंगी पड़ सकती है लेकिन भाजपा इतनी बड़ी हार के लिए केवल जयचंदों को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकतीं ।</p>
<p>उसे सत्ता और संगठन की कमियों पर भी गंभीरता से विचार करना होगा।सत्ता और संगठन की पूरी ताकत लगा देने के बावजूद पार्टी को करारी हार का सामना आखिर ‌क्यों करना पड़ा।</p>
<p>शिवराज सरकार के लगभग 20 मंत्री दमोह में पार्टी के चुनाव अभियान को मजबूत बनाने में जुटे हुए थे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा और शिवराज सरकार के दो‌ वरिष्ठ मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह चुनाव ‌अभियान में अहम जिम्मेदारी निभा रहे थे लेकिन इसके बावजूद अगर ‌ भाजपा के दिग्गज रणनीतिकारों को अगर पार्टी में भीतरघात की थोड़ी सी भी‌ भनक नहीं लगी तो इस पर आश्चर्य ही व्यक्त किया जा सकता है।</p>
<p>इसका एक मतलब यह भी निकाला जा सकता है कि भाजपा के जिन दिग्गज नेताओं के ऊपर पार्टी प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी को जिताने की जिम्मेदारी थी उनकी इस उपचुनाव में ज्यादा दिलचस्पी ‌ही नहीं थी।</p>
<p>कोरोना काल में ‌हुए इस उपचुनाव में प्रदेश को कोरोना संक्रमण की भयावहता से बचाने में राज्य सरकार की कथित असफलता के आरोपों ने भी भाजपा प्रत्याशी की‌ पराजय में बड़ी भूमिका निभाई।</p>
<p>गौरतलब है कि दमोह उपचुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन खुद भी संक्रमित ‌हो गए थे। दमोह उपचुनाव के परिणाम से विधान सभा में भाजपा और कांग्रेस के संख्या बल में कोई फर्क नहीं ‌पडा ‌है परंतु ‌2018 में मात्र आठ सौ मतों से जीतने वाली कांग्रेस पार्टी ने यह उपचुनाव 17 हजार मतों से जीत कर प्रदेश की शिवराज सरकार के विरुद्ध अपनी लड़ाई को और तेज करने का मनोबल अर्जित कर लिया है।</p>
<p>दमोह में पूर्व मुख्यमंत्री द्वय दिग्विजयसिंह और कमलनाथ तथा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव सहित सभी वरिष्ठ नेताओं की एकजुटता के कारण दमोह में पार्टी प्रत्याशी की शानदार जीत का मार्ग प्रशस्त हुआ ।</p>
<p>कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह उत्साह और नेतृत्व की यह एकजुटता अगर ‌प्रदेश में अगले कुछ महीनों के दौरान होने वाले नगर निगम,नगर पालिकाओं,जिला पंचायतों और जनपद पंचायतों के चुनावों में बरकरार रहती है तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार और संगठन दोनों के लिए कठिन चुनौती पेश करने में सफल होगी।</p>
<p>कोरोना संकट काल में आक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन तथा टीकाकरण के प्रबंधन को लेकर नित नए आरोपों से घिरी सरकार के लिए दमोह के उपचुनाव परिणाम नई चुनौती बनकर सामने आए हैं।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600;"><strong>(लेखक IFWJ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और डिज़ियाना मीडिया समूह के सलाहकार है)</strong></span></p></blockquote>
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