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	<title>लोकसभा इलेक्शन 2019 Archives &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
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	<description>News &#38; Information Portal</description>
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		<title>किस बात से दुखी हैं राहुल गांधी ?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/rahul-gandhi-is-sad-about-what/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ali Raza]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Jun 2019 16:14:17 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[# Congress President]]></category>
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		<category><![CDATA[यूथ कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[राहुल गांधी]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा इलेक्शन 2019]]></category>
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					<description><![CDATA[पॉलिटिकल डेस्क। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस की बैठक में कार्यकर्ताओं और नेताओं से बात करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनके पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश के बाद भी कुछ मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को अपनी जवाबदेही का अहसास नहीं हुआ। बुधवार को राहुल गांधी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-107289 " src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/rahul-soniya-1.jpg" alt="" width="791" height="527" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/rahul-soniya-1.jpg 600w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/rahul-soniya-1-300x200.jpg 300w" sizes="(max-width: 791px) 100vw, 791px" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;"><strong>पॉलिटिकल डेस्क।</strong></span></p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस की बैठक में कार्यकर्ताओं और नेताओं से बात करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनके पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश के बाद भी कुछ मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को अपनी जवाबदेही का अहसास नहीं हुआ।</p>
<p>बुधवार को राहुल गांधी ने अपने आवास पर यूथ कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात की और इस्तीफा देने के निर्णय पर अभी भी कायम होने की बात कही।</p>
<p>उन्होंने कहा कि, वह कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के बाद भी संगठन में एक्टिव रहेंगे और जनता के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #ff0000;" href="https://www.jubileepost.in/pm-narendra-modi-reveals-connection-between-mahatma-gandhis-3-monkeys-and-japan/">गांधी जी के 3 बंदर, जापान और मोदी</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>यह भी पढ़ें : <span style="color: #ff0000;"><a style="color: #ff0000;" href="https://www.jubileepost.in/modi-government-new-app-like-whatsapp/">अब WhatsApp से नहीं मोदी सरकार के इस एप से कनेक्ट होंगे सरकारी कर्मचारी !</a></span></strong></span></p>
<p>बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद 25 मई को हुई पार्टी कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। तब से वह लगातार इस्तीफे की पेशकश पर अड़े हुए हैं।</p>
<p>हालांकि कार्य समिति के सदस्यों ने उनकी पेशकश को खारिज करते हुए उन्हें आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया था। वहीं पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी से कांग्रेस का नेतृत्व करते रहने का आग्रह भी किया है।</p>
<p><span style="color: #800080;"><strong>कमलनाथ ने ली हार की जिम्मेदारी</strong></span></p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दुख जताने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि वो इस हार के लिए जिम्मेदार है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नरेन्द्र मोदी का यह गुण सीख ले विपक्ष</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/opposition-learn-skill-of-narendra-modi-loksabha-election-result2019/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ali Raza]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 May 2019 05:38:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[ओपिनियन]]></category>
		<category><![CDATA[अखिलेश यादव]]></category>
		<category><![CDATA[नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[राहुल गांधी]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा इलेक्शन 2019]]></category>
		<category><![CDATA[साध्वी प्रज्ञा]]></category>
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					<description><![CDATA[शबाहत हुसैन विजेता महात्मा गांधी के क़ातिल को महात्मा बताने वाली साध्वी प्रज्ञा की भोपाल से जीत पर एक विद्वान ने कहा कि गांधी जी को 1948 में सिर्फ गोली मारी गई थी। लेकिन उनकी मौत 2019 में हुई है। यह किसी एक शख्स का दर्द नहीं लाखों करोड़ों लोगों का दर्द है। जिन महात्मा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4></h4>
<h4><strong><span style="color: #000080">शबाहत हुसैन विजेता</span></strong></h4>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-104687 alignleft" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/Danke-Chote-Par.jpg" alt="" width="286" height="286" /></p>
<p>महात्मा गांधी के क़ातिल को महात्मा बताने वाली साध्वी प्रज्ञा की भोपाल से जीत पर एक विद्वान ने कहा कि गांधी जी को 1948 में सिर्फ गोली मारी गई थी। लेकिन उनकी मौत 2019 में हुई है। यह किसी एक शख्स का दर्द नहीं लाखों करोड़ों लोगों का दर्द है। जिन महात्मा गांधी ने हिन्दुस्तान को आज़ाद कराने में एक बड़ी भूमिका निभाई उन महात्मा गांधी के खिलाफ उनकी शहादत के 71 साल बाद जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है। जिस तरह से उनके क़ातिल को महिमामंडित करने के लिए गाँधी जी का चरित्र हनन किया जा रहा है, जिस तरह से पाकिस्तान बनवाने में उनकी भूमिका की बात की जा रही है। वह सिर्फ काबिल-ए-एतराज़ नहीं बल्कि एक खतरनाक दौर की तरफ बढ़ते क़दम का इशारा भी है।</p>
<p>2019 के चुनाव में बीजेपी को जिस तरह का प्रचंड बहुमत मिला है वह निश्चित रूप से नरेन्द्र मोदी के चेहरे और अमित शाह की बिछाई बिसात की जीत है। इस चुनाव में लोगों ने एमपी को नहीं पीएम को वोट दिया है। यही वजह है कि उम्मीदवार कोई भी हो लेकिन अगर उसके नाम और चेहरे के सामने कमल का निशान दिखा तो वोटर ने उसी के सामने वाले बटन को दबा दिया। यही वजह है कि इस बार जीत का फासला बढ़ा है। हर सीट पर वोट नरेन्द्र मोदी को पड़ा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बेगुसराय में कन्हैया की बढ़ती लोकप्रियता और उसके सामने किसी के भी न टिक पाने की गारंटी की जो बातें सुनाई पड़ रही थीं। उसके सामने सियासी दिग्गज गिरिराज सिंह भी घबरा गए थे। उन्होंने बेगुसराय से चुनाव लड़ने से ही मना कर दिया था लेकिन बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें आश्वस्त कर भेजा और नतीजा सामने है कि वह जीत गए और कन्हैया तीसरे नम्बर पर खिसक गए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-106379 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/Pm-Narendra-Modi-Oath-Ceremony-644x362-1.jpg" alt="" width="644" height="362" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/Pm-Narendra-Modi-Oath-Ceremony-644x362-1.jpg 644w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/Pm-Narendra-Modi-Oath-Ceremony-644x362-1-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 644px) 100vw, 644px" /></p>
<p>ऐसे ही भोपाल में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के सामने 9 साल बाद जेल से रिहा होकर निकली साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतार दिया गया। चुनाव एकतरफा लग रहा था। हर कोई कह रहा था कि जिस पर आतंकवाद का चार्ज है उसे टिकट दे दिया लेकिन साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे की तारीफों के पुल बांधे।</p>
<p>देश पर शहीद हुए हेमंत करकरे के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं। किसी को उम्मीद नहीं थी कि साध्वी भी जीत सकती हैं मगर उन्होंने सबको गलत ठहराते हुए जीत हासिल कर ली, क्योंकि वह भोपाल हो या बेगुसराय वोट सब जगह नरेन्द्र मोदी को ही पड़ा था।</p>
<p>ईवीएम पर जब वोटों की गिनती चल रही थी तब देखने वाले ताज्जुब में डूबते जा रहे थे। कुछ सीटें उम्मीद के खिलाफ हार की तरफ बढ़ रही थीं। अमेठी में राहुल गांधी, भोपाल में दिग्विजय सिंह और बेगुसराय में कन्हैया की हार को आसानी से हज़म नहीं किया जा सकता। इनमें सिर्फ अमेठी सीट ही ऐसी थी जिसे हासिल करने के लिए स्मृति ईरानी ने पांच साल लगातार मेहनत की थी।</p>
<p>2014 का चुनाव हारने के बाद स्मृति ईरानी ने तय कर लिया था कि राहुल को उनकी परम्परागत सीट से हराकर मानेंगी लेकिन भोपाल के लोगों को तो जेल से छूटी वह साध्वी मिली थी जो शहीदों का खुलेआम मखौल उड़ा रही थी। पूरे देश में इस मखौल की निंदा हो रही थी लेकिन वह जीत की तरफ तेज़ी से बढ़ती गईं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-106376 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/24_01_2019-rahulpriyanka_18886892_22526606.jpg" alt="" width="650" height="540" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/24_01_2019-rahulpriyanka_18886892_22526606.jpg 650w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/24_01_2019-rahulpriyanka_18886892_22526606-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>राहुल गांधी कांग्रेस को सत्ता के गलियारों में नहीं लौटा पाए क्योंकि जनता ने चौकीदार चोर है के नारे को ठुकरा दिया। युवा कवि पंकज प्रसून का मानना है कि राहुल ने पूरा चुनाव राफेल पर लड़ा और जनता इस टेक्निकल मुद्दे को समझ नहीं पाई। जनता उसे समझ भी जाती तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि जनता पिस रही है महंगाई और बेरोजगारी से। राहुल जनता को नहीं बता पाए कि 50 लाख लोगों की नौकरियां छिन गई हैं। राहुल नहीं बता पाए कि बीजेपी अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई है।</p>
<p>जनता ने नकारात्मक प्रचार को ठुकरा दिया और नरेन्द्र मोदी की उस भावना को वोट दिया कि दीदी थप्पड़ मारेगी तो खा लूँगा मगर अपने देश की चौकीदारी नहीं छोडूंगा। राहुल विपक्ष के प्रमुख नेता थे मगर वह चुनाव के वक्त सबको एकजुट नहीं कर पाए यह भी उनकी हार की वजह बनी।</p>
<p>अखिलेश यादव ने इस चुनाव में गठबंधन का फिर नया प्रयोग किया। अखिलेश ने इस बार कांग्रेस छोड़कर मायावती का साथ पकड़ा। इस साथ से बसपा एक बार फिर जिन्दा हो गई और उसे उम्मीद से ज्यादा का फायदा हो गया लेकिन अखिलेश कई सीटें हार गए। बसपा के पुनर्जीवित होने का अखिलेश को 2022 में नुकसान होने की उम्मीद है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-106377 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/117850-bnokxigkjg-1558419927.jpeg" alt="" width="1200" height="630" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/117850-bnokxigkjg-1558419927.jpeg 1200w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/117850-bnokxigkjg-1558419927-300x158.jpeg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/117850-bnokxigkjg-1558419927-768x403.jpeg 768w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/117850-bnokxigkjg-1558419927-1024x538.jpeg 1024w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p>अब इस्तीफों की पेशकश और ज़िम्मेदारों को निकाले जाने का दौर चल रहा है। राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से इस्तीफे की पेशकश की है। ममता बनर्जी भी अब मुख्यमंत्री नहीं रहना चाहतीं। अखिलेश ने अपने मीडिया पैनेलिस्टों को हटा दिया है। सच यही है कि यह उपाय किसी काम के नहीं हैं। यह सोचने का समय है। यह समझने का समय है। ज़िम्मेदारी छोड़कर भागने से नहीं अपनी गलतियाँ मानने से हालात बदलने की उम्मीद बंधेगी। राहुल समझें कि अगली बार वह जनता के साथ हो रही नाइंसाफी का मुद्दा लेकर खड़े हों। बेरोजगारी और महंगाई से सरकार पर वार करें।</p>
<p>सरकार की गलतियों पर नज़र रखें और अगले पांच साल सड़क पर खड़े होने को तैयार रहें। अखिलेश समझ लें कि सबको साथ लेकर चलना सीखें। जिसके पास भी कोई विचार हो उसे पास बिठाकर उसकी बात सुनें। नकारात्मक सवाल करने वाले पत्रकार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बेइज्जत न करें। मुलायम सिंह यादव ने निजी रिश्ते बनाने की जो परम्परा बनाई थी उसे जिन्दा रखें। परिवार के झगड़ों को घर में छोड़कर आयें और मंचों और साक्षात्कारों में उनकी चर्चा नहीं करें।</p>
<p>उपचुनाव के बाद जब 2022 की तैयारी शुरू करें तब अपनी पार्टी और अपने कार्यकर्ताओं पर भरोसा करें। परिवार में उन बड़ों की राय पर अमल करें जिनका अनुभव उनसे ज्यादा है। उन्हें यह याद रखना चाहिए कि घर का विरोधी खुद भले न जीत पाए लेकिन हराने में बहुत कारगर होता है। बेहतर हो पूरा विपक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस गुण को सीखे कि अगर कोई गाली भी दे तो उसे अपने लिए वोट में कैसे बदला जाता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बहुआयामी सोच के कारण हुई मोदी की वापसी</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/modi-becomes-second-time-prime-minister-after-loksabha-election-result-2019/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ali Raza]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 May 2019 04:12:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
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					<description><![CDATA[डा. रवीन्द्र अरजरिया विश्व के सबसे बडे लोकतंत्र में लोकप्रियता की परिभाषायें बदलने लगीं हैं। जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद, वंशवाद, वर्गवाद जैसी मानसिकता ने अस्तत्वहीनता की ओर कदम बढाना शुरू कर दिया है। संकुचित दायरे में कैद रहने वाली विचारधारा ने अब अपनी आजादी का रास्ता खोज लिया है। राष्ट्रवादी सोच के साथ विकास के बढते &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4><strong><span style="color: #000080;">डा. रवीन्द्र अरजरिया</span></strong></h4>
<p>विश्व के सबसे बडे लोकतंत्र में लोकप्रियता की परिभाषायें बदलने लगीं हैं। जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद, वंशवाद, वर्गवाद जैसी मानसिकता ने अस्तत्वहीनता की ओर कदम बढाना शुरू कर दिया है। संकुचित दायरे में कैद रहने वाली विचारधारा ने अब अपनी आजादी का रास्ता खोज लिया है। राष्ट्रवादी सोच के साथ विकास के बढते मापदण्डों ने नये कीर्तिमान गढने की परम्परा स्थापित कर दी है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-91508 alignleft" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/Ravindra-Arjaria-jubilee-300x228.jpg" alt="" width="300" height="228" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/Ravindra-Arjaria-jubilee-300x228.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/Ravindra-Arjaria-jubilee-768x583.jpg 768w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/Ravindra-Arjaria-jubilee-1024x777.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/Ravindra-Arjaria-jubilee-1200x911.jpg 1200w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/Ravindra-Arjaria-jubilee.jpg 1418w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>चुनावी परिणामों की घोषणा के मध्य मुक्ताकाशी मंच से देश की चहुमुखी प्रगति का संकल्प लेने वाले नरेन्द्र मोदी ने भविष्य का खाका, विश्व के सामने जिस ढंग से प्रस्तुत किया था, उसने आगामी कार्यकाल की शैली के स्पष्ट संकेत मिल जाते हैं।</p>
<p>मोदी के नेतृत्व में भाजपा सहित एनडीए की जीत के प्रति सभी आशावान थे परन्तु इतने व्यापक समर्थन की कल्पना नहीं की जा रही थी। विद्वानों के ज्ञान से उपजने वाले विश्लेषणों का निरंतर प्रकाशन और प्रसारण हो रहा है। हम स्वयं भी अनेक बिन्दुओं को अपने अनुभवों के आधार पर रेखांकित कर चुके हैं परन्तु हमारे मन में आम आवाम का दृष्टिकोण जानने की जिग्यासा निरंतर कौंध रही थी।</p>
<p>विभिन्न संस्कृतियों और संस्कारों से जुडे लोगों की अनामंत्रित उपस्थिति रेलवे स्टेशन पर होती है। सो हम पहुंच गये नई दिल्ली रेलवे स्टेशन। वहां क्षेत्र विशेष में निवास करने वालों के समूह अपनी-अपनी लोकभाषा में चर्चा करने में तल्लीन थे।</p>
<p>ट्रेन की प्रतीक्षा करने वालों के मध्य चुनावी परिणामों और देश के भविष्य की विवेचना की जा रही थी। हमने भी एक यात्री की तरह ही उन समूहों में पहुंच बनाई। एक समूह में कुछ देर उनकी सुनने के बाद सक्रिय भागीदारी दर्ज करते हुए अपने प्रश्न उछाले। महाराष्ट्र के पूना में निवास करने वाले इंजीनियर दीपक गायके ने बताया कि व्यवसायगत कारणों से हमें अकसर विदेश प्रवास पर रहना पडता है। भारत की पांच साल पहले वाली छवि और वर्तमान छवि में जमीन आसमान का अंतर है।</p>
<p>विदेशों में अब हमें विशेषज्ञ के रूप में देखा जाता है जबकि पहले काम या दाम मांगने वाले का ठप्पा लगा था। इस सम्मान के पीछे देश के नेतृत्व की कडी मेहनत है, जिसका हम सबने मिलकर आभार व्यक्त ही नहीं किया बल्कि स्वर्णिम कल की कल्पना भी कर ली है। दीपक की बात को वहां खडे महाराष्ट्र के सभी लोगों ने समर्थन दिया। अब हमने दूसरे समूह की ओर रुख किया। उत्तरप्रदेश के लोग चाय की चुस्कियों के साथ अपने ज्ञान के आधार पर राजनैतिक पंडितों की तरह विचार विमर्श कर रहे थे। उनके साथ आत्मीयता स्थापित करके हमने यहां भी परिणामों को प्रभावित करने सवालों का जबाब चाहा।</p>
<p>सीतापुर क्षेत्र में शिक्षण संस्थाओं का संचालन करने वाले श्रवण कुमार ने पुलवामा हमले और उसके बाद के घटना क्रम पर मोदी की कठोर कार्य प्रणाली का यशगान करते हुए कहा कि मुम्बई ब्लास्ट के दौरान कसाब की गिरफ्तारी के वक्त अगर मोदी प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तान को तभी सबक मिल गया होता। घात पर कडे प्रतिघात के अलावा, विश्वमंच पर भी पडोसी की ऐसी घेराबंदी होती, कि उसे भी नानी याद आ जाती। सम्मान के साथ हम दो सूखी रोटी में भी गुजारा कर लेंगे परन्तु अपमान की थाली के व्यंजन नालायक लोगों को ही मुबारक हों। श्रवण कुमार के स्वर में आक्रोश की स्पष्ट झलक मिल रहीं थी। कुछ ही दूरी पर एक और समूह बातों में व्यस्त था।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-106370 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/Pm-Narendra-Modi-Oath-Ceremony-644x362.jpg" alt="" width="644" height="362" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/Pm-Narendra-Modi-Oath-Ceremony-644x362.jpg 644w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/Pm-Narendra-Modi-Oath-Ceremony-644x362-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 644px) 100vw, 644px" /></p>
<p>मध्यप्रदेश में महाराज छत्रसाल की नगरी के पास उर्दमऊ गांव के किसान राजेन्द्र दीक्षित कह रहे थे कि हमारे जिले में तो पंडित कपडा भण्डार भी है और गुप्ता भोजनालय भी। सिंहल शू स्टोर भी है और खालसा मशीनरीज भी। अहिरवार कोचिंग भी है और केएनजी फर्नीचर भी। कहां बची हैं जातियां। यह सब बेकार की बातें हैं। चुनाव के दौरान ही स्वार्थी लोग जाति का सहारा लेकर जहर बोते हैं और अपना उल्लू सीधा करके चले जाते हैं। इस बार तो हमने किसी सांसद को नहीं बल्कि प्रधानमंत्री को वोट दिया है। हमारे गांव में सुविधाओं का विस्तार हुआ है और हमें भी अनेक योजनाओं का लाभ मिला है।</p>
<p>कुछ ही दूरी पर गुजराती भाइयों का जमघट लगा था। उस समूह का नेतृत्व कर रहे दाहोत में फर्नीचर का काम करने वाले कुशल कारीगर धर्मेन्द्र हरीलाल पंचाल। उन्होंने बताया कि हमारी धरती के संस्कार ही राष्ट्रीयता को पोषित करने वाले हैं। महात्मा गांधी से लेकर नरेन्द्र मोदी तक ने यह बात स्थापित कर दी है। जन्मजात गुजराती हमेशा से ही सरलता, स्पष्टता और सार्थकता का पर्याय रहा है। हम सम्मान देना और लेना, दौनों जानते हैं।</p>
<p>देश की कीमत पर कभी समझौता नहीं करते। कडी मेहनत की दम पर सफलता हासिल करते हैं। हम लोगों ने तो पूरे देश में रहने वाले गुजराती भाइयों से व्यक्तिगत सम्पर्क करके उन्हें देशहित में मतदान करने और करवाने हेतु प्रेरित किया था। इस मिशन में हमारे मुस्लिम भाइयों ने भी बढ चढकर हिस्सा लिया था।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-106371 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/skynews-narendra-modi-india-election_4676348.jpg" alt="" width="1600" height="900" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/skynews-narendra-modi-india-election_4676348.jpg 1600w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/skynews-narendra-modi-india-election_4676348-300x169.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/skynews-narendra-modi-india-election_4676348-768x432.jpg 768w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/skynews-narendra-modi-india-election_4676348-1024x576.jpg 1024w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p>
<p>वहीं, जम्मू के मुट्ठी गांव निवासी राजेश बाचपेई भी खडे थे। उन्होंने तो घाटी की तस्वीर खींचते हुए कहा कि वहां पर चन्द लोगों ने ही जहर फैला रखा है। उनका विषवमन भी कट्टरपंथी युवाओं को गुमराह कर रहा है। सरकारें भी उन अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा में करोडों रुपये खर्च कर रही है। यह रुपया देश के मेहनतकश लोगों द्वारा टैक्स के रूप में सरकार को दिया जाता है। वहां भी मोदी को एकमात्र राष्ट्रवादी नेता के रूप में स्वीकारोक्ति मिली है।</p>
<p>तभी कोलकता के बेनियापुकुर निवासी अमरनाथ ने राजेश की बात को आगे बढाते हुए कहा कि हम ने पहली बार मतदान किया है। सोचना पडा ही नहीं। हमने जाति के आधार पर नहीं बल्कि राष्ट्र के आधार पर, स्टार्टअप के आधार पर, अपनी उच्च शिक्षा हेतु केन्द्र से मिली सुविधाओं के आधार पर वोट दिया है। हमारे सभी साथियों ने भी ऐसा ही किया है। वहां तो तृणमूल का जंगलराज कायम है। अव निश्चय ही उससे छुटकारा मिलेगा। वास्तविक गणतंत्र की स्थापना और एक देश-एक कानून की परिणति ही हमारी कल्पना में उपजा एक स्वर्णम चित्र है।</p>
<p>चर्चा चल ही रही थी कि तभी एक ट्रेन ने जोरदार हार्न बजाते हुए प्लेटफार्म पर अपनी आमद दर्ज की। तब तक हमारे मन की जिग्यासा को समाधान मिल चुका था। वास्तविकता में बहुआयामी सोच के कारण हुई मोदी की सशक्त पुनरावृत्ति। इस बार बस इतना ही।</p>
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		<title>मायावती से मिलने क्यों पहुंच रहे नौकरशाह</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/officers-arriving-to-meet-mayawati-after-exit-polls-loksabha-election-2019/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ali Raza]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 May 2019 04:00:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[नौकरशाह]]></category>
		<category><![CDATA[मायावती]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा इलेक्शन 2019]]></category>
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					<description><![CDATA[न्यूज डेस्क अकसर ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि किसी भी चुनाव का अनुमान नौकरशाह सबसे बेहतर लगा सकता है क्योंकि वो जमीनी हकीकत के अच्छे जानकार होते है। इन दिनों उत्तर प्रदेश में बीते एक हफ्ते में सेवानिवृत्त से लेकर वर्तमान में कार्यरत नौकरशाह मायावती से मिलने के लिए समय की मांग कर रहे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<figure id="attachment_105030" aria-describedby="caption-attachment-105030" style="width: 759px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-105030 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/mayawati-759.jpg" alt="" width="759" height="422" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/mayawati-759.jpg 759w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/mayawati-759-300x167.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 759px) 100vw, 759px" /><figcaption id="caption-attachment-105030" class="wp-caption-text"> </figcaption></figure>
<h4><strong><span style="color: #000080">न्यूज डेस्क</span></strong></h4>
<p>अकसर ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि किसी भी चुनाव का अनुमान नौकरशाह सबसे बेहतर लगा सकता है क्योंकि वो जमीनी हकीकत के अच्छे जानकार होते है। इन दिनों उत्तर प्रदेश में बीते एक हफ्ते में सेवानिवृत्त से लेकर वर्तमान में कार्यरत नौकरशाह मायावती से मिलने के लिए समय की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>मायावती के आवास के एक स्टाफ ने बताया, ‘ये अफसर शिष्टाचार मुलाकात के लिए आ रहे हैं और बहनजी प्रचार नहीं करने वाले दिन इन सभी से मिलती हैं। इन अधिकारीयों में अधिकतर वो है जिन्होंने मायावती के मुख्यमंत्री रहते वक़्त काम किया है। हालांकि, इनमे कुछ अधिकारी नए भी हैं जिनका संबंध बहुजन समाज से है। वे भी उन्हें मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दे रहे हैं।’</p>
<p>मुलाकात करने आए एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने बताया कि, &#8216;मैंने बहनजी से मुलाकात की है।&#8217; उन्होंने कहा, ‘मैं चुनावों में अच्छे नतीजों की शुभकामनाएं देने गया था। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) वापसी कर रही है और किसी को शुभकामनाएं देने में कुछ भी गलत नहीं है। आप उस वक्त नेताओं को शुभकामना देने नहीं जाते जब उनके हालात अच्छे नहीं होते।’</p>
<h4><strong><span style="color: #800000">नतीजे आने के बाद गुलदस्ता भेजूंगा</span></strong></h4>
<p>वहीं, एक और नौकरशाह बताते हैं कि,‘मायावती के मिजाज का अंदाजा लगा पाना मुश्किल है और मुलाकात के उद्देश्य को गलत समझे जाने का भी अंदेशा है। मैंने तय किया है कि गुलदस्ता नतीजे आने के बाद भेजूंगा।’ पूर्व में मायावती के नजदीक रह चुके नौकरशाह एग्जिट पोल के नतीजों पर विश्वास करने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं।</p>
<h4><strong><span style="color: #800000">बीएसपी कर रही वापसी</span></strong></h4>
<p>एक अधिकारी ने कहा, ‘हमें बीजेपी के बारे में तो नहीं पता लेकिन बीएसपी अच्छा करने जा रही है। एग्जिट पोल को अपने हिसाब से बनाया जा सकता है लेकिन नतीजों को नहीं।’ इसके अलावा एक अधिकारी का कहना है कि अगर एग्जिट पोल सही साबित हुए तो भी बीएसपी वापसी कर रही है, जिसके खाते में 2014 में शून्य आया था।</p>
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		<title>फ्लाप हुआ महागठबंधन &#8211; शिवपाल</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/we-spoil-the-game-of-bua-and-babua-says-shipal-yadav-loksbha-election-2019/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ali Raza]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 May 2019 05:05:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[BSP सुप्रीमो मायावती से मिले RLD नेता जयंत चौधरी]]></category>
		<category><![CDATA[अखिलेश यादव]]></category>
		<category><![CDATA[फ्लाप हुआ महागठबंधन]]></category>
		<category><![CDATA[मायावती]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा इलेक्शन 2019]]></category>
		<category><![CDATA[शिवपाल]]></category>
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					<description><![CDATA[न्यूज डेस्क लोकसभा चुनाव 2019 में यूपी में सपा बसपा गठबंधन को लेकर प्रसपा के अध्यक्ष शिवपाल यादव ने बड़ा बयान दिया है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यूपी में बुआ बबुआ का गठबंधन फ्लॉप हो जायेगा। इसके अलावा शिवपाल यही नहीं रुके उन्होंने कहा की जब सपा बसपा गठबंधन कर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-104433 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/ShivpalSinghYadav-1.jpg" alt="" width="885" height="498" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/ShivpalSinghYadav-1.jpg 885w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/ShivpalSinghYadav-1-300x169.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/ShivpalSinghYadav-1-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 885px) 100vw, 885px" /></h4>
<h4><strong><span style="color: #000080">न्यूज डेस्क</span></strong></h4>
<p>लोकसभा चुनाव 2019 में यूपी में सपा बसपा गठबंधन को लेकर प्रसपा के अध्यक्ष शिवपाल यादव ने बड़ा बयान दिया है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यूपी में बुआ बबुआ का गठबंधन फ्लॉप हो जायेगा।</p>
<p>इसके अलावा शिवपाल यही नहीं रुके उन्होंने कहा की जब सपा बसपा गठबंधन कर रही थी तो हमने भी गठबंधन में शामिल होने की बात कही थी लेकिन इन लोगों ने ऐसा नहीं किया । इन लोगों ने न ही हमसे गठबंधन किया और न ही कांग्रेस से करने दिया। अगर हम गठबंधन में शामिल होते तो किसी पार्टी से लड़ाई नहीं रह जाती और मिलकर सबसे ज्यादा सीटें जीतते।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लेकिन अब ये गठबंधन फ्लॉप हो चुका है। ये लोग हमारी वजह से परेशान है और हमने इन लोगों का खेल बिगाड़ दिया है। अब बस रिजल्ट का इंतजार है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की घटना पर खेद जताते हुए कहा कि लोकतंत्र के लिए ऐसा होना घातक है। चुनाव निष्पक्ष होना चाहिए जनता को मतदान का अधिकार है। हमे उम्मीद है कि इस  घटना पर चुनाव आयोग निष्पक्ष कार्रवाई करे।</p>
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