पुलिस थानों में CCTV पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, गृह सचिव को किया तलब

जुबिली न्यूज डेस्क
देशभर के पुलिस थानों में CCTV कैमरों की कमी को लेकर स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल) को कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव को तलब करते हुए अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि:
- CCTV योजना के क्रियान्वयन में देरी स्वीकार्य नहीं
- अगर केरल में बेहतर व्यवस्था है, तो अन्य राज्य इसे क्यों नहीं अपनाते?
केरल मॉडल की सराहना
सुनवाई के दौरान बताया गया कि:
- केरल में पुलिस अधिकारी मोबाइल से रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर सकते हैं
- मध्य प्रदेश और राजस्थान ने भी अच्छा काम किया है
- लेकिन कई राज्य अभी भी पीछे हैं
झारखंड और दिल्ली पर चिंता
कोर्ट ने झारखंड को CCTV लगाने में सबसे पीछे बताया।
साथ ही दिल्ली और कुछ केंद्रीय एजेंसियों में भी कमियों का जिक्र किया गया।
डेटा सुरक्षा पर भी सवाल
सुनवाई में यह मुद्दा भी उठा कि पड़ोसी देशों से आए कुछ CCTV कैमरों को डेटा सुरक्षा जोखिम के कारण हटाना पड़ सकता है। कोर्ट ने पूछा कि ऐसी स्थिति में राज्यों की फंडिंग कैसे मैनेज होगी।
फंडिंग और समन्वय
- इस योजना में 60% केंद्र और 40% राज्य का योगदान है
- कोर्ट ने कहा कि समन्वय की कमी को बहाना नहीं बनाया जा सकता
- सभी राज्यों को एक समान सिस्टम अपनाने की सलाह दी गई
अगली सुनवाई
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई में केंद्रीय गृह सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है, ताकि देशभर में CCTV योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।



