जामिया हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई सख्ती, अब लखनऊ में बवाल

न्‍यूज डेस्‍क

दिल्ली के जामिया कैंपस में बवाल पर छात्रों का मिडनाइट प्रोटेस्ट खत्म हो गया। देर रात 50 छात्रों की रिहाई के बाद पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन खत्म हो गया और सभी छात्र धीरे-धीरे यहां चले गए। इस बीच जामिया हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट में CJI की कोर्ट में उठा।

चीफ जस्टिस एस. ए. बोबड़े ने कहा कि हम किसी को भी आरोपी नहीं बता रहे हैं, बस हम कह रहे हैं कि हिंसा रुकनी चाहिए। हम किसी के खिलाफ कुछ नहीं कह रहे हैं, हम ये भी नहीं कह रहे हैं कि पुलिस या छात्र निर्दोष हैं। CJI ने कहा कि आप छात्र हैं इसलिए आपको हिंसा का अधिकार नहीं मिलता है। अगर हिंसा नहीं रुकी तो वह इस मामले में सुनवाई नहीं करेंगे।

इस बीच लखनऊ के नदवा कॉलेज में नागरिकता कानून के खिलाफ छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बीच भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। खबर है कि पुलिस बल पर छात्र कॉलेज के अंदर से ईंट फेंक रहे हैं।

मौके पर एसपी ट्रांस गोमती छात्रों से शांत रहने की अपील करते रहे लेकिन छात्र अंदर से लगातार पत्‍थराव कर रहे हैं। पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों को चोट भी आई है। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात हैं। कॉलेज के प्रोफेसर व अन्य कर्मचारी भी छात्रों को समझाने में लगे हैं।

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उधर डीजीपी ओपी सिंह ने छात्रों के पथराव पर कहा है कि कैंपस में कानून व्यवस्था सख्ती से लागू होनी चाहिए। छात्रों के हिंसात्मक होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।

मोहसिन रजा ने कहा, ‘अपनी राजनीति साधने के लिए छात्रों को निशाना बनाया जा रहा हैं। मुसलमानों को इस बिल से नुकसान नहीं बल्कि फायदा है। छात्रों को ये समझाने की जिम्मेदारी धर्मगुरुओं की हैं जो ठेकेदार बने हुए हैं।

खबर है कि जामिया यूनिवर्सिटी के बाहर फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया है। वहीं, दिल्ली कांग्रेस आज दोपहर तीन बजे जामिया हिंसा के मसले पर पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन करेगी। नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ जामिया छात्रों ने जो प्रदर्शन किया और बाद में पुलिस ने जो कार्रवाई की, अब इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज हो गई है। ये शिकायत पुलिस के खिलाफ दर्ज कराई गई है।

इस बीच जामिया नगर हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने दो केस दर्ज किए हैं। पहला केस न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में आगजनी, दंगा फैलाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का दर्ज हुआ है। दूसरा केस जामिया नगर थाने में दंगा फैलाने, पथराव और सरकारी काम में बाधा करने का केस दर्ज हुआ है। अभी ये साफ नहीं कि ये केस किसके खिलाफ दर्ज हुए हैं।

हिंसक विरोध के कारण उत्तर प्रदेश के छह जिलों में मेरठ, बुलंदशहर, कासगंज, बागपत, सहारनपुर और बरेली में धारा 144 लगा दी गई है, जबकि अलीगढ़ और सहारनपुर में प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। फिलहाल, अलीगढ़, वाराणसी और लखनऊ में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया है।

पथराव फायरिंग के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होता देख जिला प्रशासन ने 15 दिसंबर की रात साढ़े दस बजे से 16 दिसंबर की रात दस बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। इस दौरान लीज लाइन और लूप लाइन की इंटरनेट की सेवाएं भी नहीं चलेंगी। सक्रियता बरतते हुए कई जगह छुटटी घोषित की गयी। जैसा सूत्र बता रहे है कि शहरो में अफवाहों का बाजार गर्म है।

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