जुबिली न्यूज डेस्क
राजधानी पटना में बुधवार (28 जनवरी 2026) को छात्रों ने प्रस्तावित नए UGC विधेयक के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने इस विधेयक को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। छात्रों ने 1 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का भी ऐलान किया है।

दिनकर गोलंबर पर सड़क पर उतरे छात्र
यह विरोध प्रदर्शन दिनकर गोलंबर पर आयोजित किया गया, जिसमें ऑल बिहार स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) और सवर्ण एकता मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क पर सामग्री जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
छात्र नेताओं ने विधेयक को बताया पक्षपातपूर्ण
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता विशाल कुमार ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित UGC विधेयक उच्च जाति के छात्रों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक एजेंडे के तहत एक विशेष वर्ग को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
‘एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे’
विशाल कुमार ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “अगर हम एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे, लेकिन अगर बंटेंगे तो विनाश तय है। देश में समानता और एकता की बातें की जाती हैं, लेकिन राजनीति के चक्रव्यूह में उच्च जातियों को कमजोर किया जा रहा है। क्या हमारे वोट नहीं लिए गए? फिर ऐसा कानून क्यों लाया गया?”
‘छात्र विरोधी और शैक्षणिक माहौल बिगाड़ने वाला विधेयक’
एक अन्य छात्र नेता सूर्यदेव कुमार ने इस विधेयक को छात्र विरोधी और उच्च जाति विरोधी करार देते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालयों का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होगा। वहीं छात्र सरोज कुमार ने UGC और केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह विधेयक जानबूझकर एक वर्ग विशेष को निशाना बनाने के लिए लाया गया है।
पुराने कानूनों के दुरुपयोग का आरोप
प्रदर्शन में शामिल छात्र राकेश कुमार ने कहा कि पहले भी कुछ कानूनों के दुरुपयोग से उच्च जातियों को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया,“हजारों लोग झूठे मामलों में जेल में बंद हैं। अब एक और ऐसा विधेयक लाया जा रहा है, जिसका सीधा निशाना उच्च जाति के लोग होंगे।”
ये भी पढ़ें-क्रिटिकल मिनरल्स मीटिंग में हिस्सा लेने अमेरिका जा सकते हैं एस. जयशंकर, भारत-US रिश्तों में आ सकती है नरमी
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि अगर सरकार ने प्रस्तावित UGC विधेयक को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक फैलाया जाएगा। इसके तहत 1 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की गई है।
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
