स्पर्म पर लगेगा ब्रेक! पुरुषों की नई गर्भनिरोधक दवा तैयार

जुबिली न्यूज डेस्क
गर्भनिरोधक जिम्मेदारी लंबे समय से ज्यादातर महिलाओं पर रही है, जबकि पुरुषों के पास सीमित विकल्प—कंडोम और नसबंदी—ही मौजूद रहे हैं। लेकिन अब वैज्ञानिकों की एक नई खोज इस स्थिति को बदलने की दिशा में बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है।
क्या है नई खोज?
अमेरिका की Cornell University के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी संभावित पुरुष गर्भनिरोधक दवा पर रिसर्च की है, जो बिना हार्मोन के असर के काम कर सकती है और इसका प्रभाव अस्थायी हो सकता है।
शोध में पाया गया कि शरीर की एक खास जैविक प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोककर स्पर्म बनने की प्रक्रिया को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे पुरुषों की प्रजनन क्षमता कुछ समय के लिए रोकी जा सकती है।
कैसे किया गया प्रयोग?
वैज्ञानिकों ने “मीओसिस” नामक जैविक प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया, जो स्पर्म निर्माण के लिए जरूरी होती है। प्रयोग के दौरान एक विशेष कंपाउंड का उपयोग कर चूहों में इस प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
इसके परिणामस्वरूप स्पर्म बनना बंद हो गया, लेकिन जब दवा बंद की गई तो उनकी प्रजनन क्षमता वापस सामान्य हो गई और वे स्वस्थ संतानों को जन्म देने में सक्षम रहे।
क्यों है यह खोज अहम?
यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अब तक पुरुष गर्भनिरोधक विकल्प सीमित रहे हैं। हार्मोन आधारित दवाओं से मूड स्विंग और यौन इच्छा में कमी जैसी समस्याएं देखी जाती हैं, जबकि नसबंदी एक स्थायी विकल्प है।
ऐसे में बिना हार्मोन वाला और अस्थायी प्रभाव देने वाला विकल्प एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि माना जा रहा है।
कैसे काम करती है यह तकनीक?
यह तकनीक स्पर्म विकास के एक अहम चरण को अस्थायी रूप से रोकती है। जब यह प्रक्रिया बाधित होती है, तो स्पर्म विकसित नहीं हो पाते और प्रजनन क्षमता कुछ समय के लिए निष्क्रिय हो जाती है।
जैसे ही दवा का असर खत्म होता है, शरीर की प्रजनन प्रक्रिया फिर से सामान्य हो जाती है।
अभी और शोध की जरूरत
वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में इस्तेमाल किया गया कंपाउंड इंसानों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। इसमें संभावित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, इसलिए यह अभी शुरुआती चरण का शोध है।



