वेनेजुएला के बाद ग्रीनलैंड पर नजर? US एक्शन से बढ़ी कब्जे की आशंका

जुबिली स्पेशल डेस्क
वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब ग्रीनलैंड को लेकर नई आशंकाएं सामने आने लगी हैं।
इस घटनाक्रम के तुरंत बाद अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की ओर से ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों ने डेनमार्क और यूरोपीय देशों की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी कार्रवाई के कुछ घंटों बाद दक्षिणपंथी पॉडकास्टर केटी मिलर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ग्रीनलैंड का एक नक्शा साझा किया, जिस पर अमेरिकी झंडा बना हुआ था और नीचे “SOON” यानी ‘जल्द’ लिखा था।
केटी मिलर, डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और पूर्व डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी हैं। इस पोस्ट के बाद डेनमार्क और ग्रीनलैंड में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
डेनमार्क ने जताई कड़ी आपत्ति
अमेरिका में डेनमार्क के राजदूत जेस्पर मोलर सोरेनसन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका और डेनमार्क लंबे समय से भरोसेमंद साझेदार रहे हैं और दोनों देश मिलकर आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की सुरक्षा, ग्रीनलैंड और डेनमार्क की सुरक्षा से जुड़ी हुई है, लेकिन डेनमार्क अपनी क्षेत्रीय सीमाओं और संप्रभुता के पूर्ण सम्मान की अपेक्षा करता है।
राजदूत ने यह भी बताया कि डेनमार्क ने 2025 में अपने रक्षा बजट को बढ़ाकर लगभग 13.7 अरब डॉलर कर दिया है, ताकि आर्कटिक और नॉर्थ अटलांटिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
ग्रीनलैंड के लिए अमेरिकी विशेष दूत की नियुक्ति
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री को ग्रीनलैंड के लिए अमेरिका का विशेष दूत नियुक्त किया है।
इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए लैंड्री ने कहा था कि ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाना उनके लिए सम्मान की बात होगी। उन्होंने वेनेजुएला में मादुरो सरकार के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए इसे ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई करार दिया था।
रणनीतिक महत्व बना चिंता की वजह
ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही ग्रीनलैंड को लेकर उनके बयान यूरोपीय देशों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। ग्रीनलैंड को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यहां खनिज संसाधनों की बड़ी संभावनाएं हैं।
इसके अलावा यहां अमेरिका का सबसे उत्तरी सैन्य अड्डा पिटुफिक स्थित है, जहां हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दौरा किया था।

सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं
डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर बयान दे चुके हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है और वह सैन्य विकल्प से भी इनकार नहीं करते।
इन बयानों के बाद डेनमार्क की खुफिया एजेंसी ने अमेरिका को संभावित सुरक्षा जोखिम तक करार दिया, जिसे अमेरिका-यूरोप संबंधों में तनाव का संकेत माना जा रहा है।
डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्रियों ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी देश की सीमाएं और उसकी संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत तय होती हैं और किसी भी तरह का जबरन कब्जा स्वीकार्य नहीं है।
ग्रीनलैंड की करीब 57 हजार की आबादी में से अधिकांश लोग डेनमार्क से स्वतंत्रता चाहते हैं, लेकिन अमेरिका का हिस्सा बनने के पक्ष में नहीं हैं।



