सोनिया गांधी किसे समझाना चाहती हैं गांधी जी के स्वराज का महत्व

जुबिली न्यूज़ डेस्क

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गांधी जयंती के मौके पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और बिना नाम लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सोनिया गांधी ने बुधवार को दिल्ली में कहा कि कुछ लोग गांधी जी का नाम लेकर भारत को उन्हीं के रास्ते से हटाकर अपनी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

बिना किसी का नाम लिए सोनिया गांधी ने कहा कि जो लोग असत्य पर आधारित राजनीति कर रहे हैं, वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी सत्य के पुजारी थे, सोनिया गांधी ने आगे कहा कि जिन्हें अपनी सत्ता के लिए सबकुछ करना मंजूर है वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी अहिंसा के उपासक थे और जो लोकतंत्र में भी सारी शक्ति खुद की मुट्ठी रखना चाहते हैं वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी के स्वराज का क्या महत्व है।

सोनिया गांधी ने कहा कि लेकिन पिछले कुछ वर्षों में साम, दाम, दंड, भेद का इस्तेमाल किया जा रहा है और वे लोग अपने आप को बहुत ताकतवर समझते हैं, लेकिन इन सबके बावजूद अगर भारत नहीं भटका तो इसीलिए कि हमारे देश की बुनियाद में गांधी जी के उसूलों की आधारशिला है।

सोनिया गांधी ने आगे कहा कि भारत और गांधी जी एक दूसरे के पर्याय हैं, यह अलग बात है कि आजकल कुछ लोगों ने इससे उल्टा करने की जिद पकड़ ली है, वे चाहते हैं कि गांधी जी नहीं बल्कि आरएसएस भारत का प्रतीक बन जाए। सोनिया गांधी ने कहा कि वे ऐसे लोगों को साफ शब्दों में बताना चाहती हैं कि हमारे देश की मिली जुली संस्कृती, सभ्यता और समाज में गांधी जी की सर्वसमावेशी व्यवस्था के अलावा कभी कुछ नहीं सोचा जा सकता।

सोनिया गांधी ने आगे कहा कि 4-5 साल में भारत की जो हालत है, उसे देखकर गांधी जी की आत्मा भी दुखी होती होगी। यह अफसोस की बात है कि आज किसान भाई बदहाल हैं, युवा बेरोजगार हैं, उद्योग धंधे बंद हैं, बहने सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन दिनों अपने को भारत का भाग्यविधासा समझने वालों से मैं कहना चाहती हूं कि गांधी जी नफरत के नहीं प्रेम के प्रतीक हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि कोई कुछ भी दिखावा करे मगर गांधी जी के सिद्धांतों पर कांग्रेस चली है और कांग्रेस ही चलेगी।

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