क्या एनसीपी की शर्त मानेगी शिवसेना

जुबिली न्यूज़ डेस्क 

महाराष्ट्र की सियासत दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी, और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन विराजमान होगा ? इस सवाल का हर कोई बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहा है। जोड़-तोड़ और आंकड़ों को अपने पक्ष में करने का खेल चल रहा है।

महाराष्ट्र के बीजेपी द्वारा सरकार बनाने से साफ इंकार किए जाने के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने आज महाराष्ट्र में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना के एकनाथ शिंदे से सरकार बनाने के लिए अपनी पार्टी की इच्छा और क्षमता का संकेत देने के लिए कहा। राज्यपाल ने जवाब देने के लिए पार्टी को सोमवार शाम 7:30 बजे तक का समय दिया है।

बता दें कि भाजपा ने भी साफ कर दिया कि महाराष्ट्र में पार्टी सरकार नहीं बनाएगी। महाराष्ट्र के भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने आज राज्यपाल कोश्यारी से मुलाकात के बाद प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन पर भरोसा जताते हुए जनादेश दिया है। लेकिन शिवसेना ने महाराष्ट्र की जनता के दिए जनादेश का अनादर किया है। हम अकेले सरकार नहीं बना सकते। शनिवार को राज्यपाल ने भाजपा को राज्य में सबसे बड़े दल के रूप में सरकार बनाने का दावा पेश करने का न्योता दिया था।

समर्थन के लिए NCP ने रखी शर्त

शिवसेना को समर्थन के सवाल पर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि 12 नवंबर को पार्टी ने विधायकों की बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि अगर शिवसेना हमारा समर्थन चाहती है तो उसे एनडीए से नाता तोड़ना पड़ेगा और बीजेपी से अपने सभी रिश्ते खत्म करने होंगे। मलिक ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से भी शिवसेना को अपने सभी मंत्रियों के इस्तीफे दिलवाने होंगे। अब सवाल ये है कि क्या एनसीपी की शर्त को शिवसेना मानेगी या फिर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगेगा ?

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