आखिर क्यों छोड़ी सावित्री बाई फुले ने कांग्रेस पार्टी

न्यूज़ डेस्क

भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई पूर्व सांसद सावित्री बाई फूले ने अब कांग्रेस पार्टी से भी किनारा कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी में मेरी आवाज सुनी नहीं जा रही है। इसलिए मैं पार्टी से इस्तीफा दे रही हूं। मैं अब अपनी अलग पार्टी बनाने जा रही हूं।

बता दें कि साल 2014 में उत्तर प्रदेश के बहराइच से सावित्री बाई फुले बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंची थीं। लेकिन कुछ समय बाद पार्टी से किसी मुद्दे को लेकर उनका विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने दो मार्च 2019 को कांग्रेस में शामिल हो गयी थी।

उस समय फुले ने कहा था कि बीजेपी सरकार के चार वर्षों के शासनकाल में बहुजन समाज का कोई भला नहीं हुआ है। जब तक भारत का संविधान पूरी तरह से लागू नहीं होगा, तब तक बहुजन समाज का उत्थान नहीं हो सकता।’ ऐसी मांगों की वजह से ही उन्होंने छह दिसंबर, 2018 में बीजेपी छोड़ दी थी।

आरक्षण ख़त्म करने की हो रही कोशिश

इसके अलावा बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने ये आरोप लगाये थे कि आरक्षण खत्म करने की कोशिश की जा रही है। संविधान को खत्म करने की योजना बनाई जा रही है लेकिन वो ऐसा होने नहीं देंगी। संविधान और आरक्षण के आंदोलन को अब वो आगे बढ़ाएंगी।

योगी का दलित प्रेम सिर्फ दिखावा

यही नहीं फुले ने प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा था कि योगी का दलित प्रेम सिर्फ दिखावा है। अगर उन्हें दलितों से प्रेम है तो दलितों को गले लगाएं और उनका सम्मान करें। देश में जितने भी मंदिर हैं, वहां दलितों को ही पुजारी रखा जाना चाहिए, क्योंकि तीन प्रतिशत पंडित ही हर जगह कब्जा जमाए हुए हैं।

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