Saturday - 14 February 2026 - 11:29 AM

Reserve Bank of India ने बैंकों और NBFC पर लगाया जुर्माना, Lead Bank Scheme में बदलाव का प्रस्ताव

जुबिली न्यूज डेस्क 

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नियामकीय निर्देशों का पालन न करने के मामलों में कई बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) पर मौद्रिक दंड लगाया है। केंद्रीय बैंक की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अलग-अलग संस्थानों पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

किन बैंकों पर कितना जुर्माना?

  • Bank of Maharashtra पर ₹32.50 लाख

  • DCB Bank पर ₹29.60 लाख

  • CSB Bank पर ₹63.60 लाख

  • Navi Finserv पर ₹3.80 लाख

  • IIFL Finance पर ₹5.30 लाख

क्या हैं उल्लंघन के मामले?

🔹 बैंक ऑफ महाराष्ट्र

आरबीआई के अनुसार, बैंक ने स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों से संबंधित डेटा क्रेडिट सूचना कंपनियों को उपलब्ध नहीं कराया। साथ ही कुछ खातों में वास्तविक लाभार्थी (Beneficial Owner) की पहचान सुनिश्चित नहीं की गई।

🔹 सीएसबी बैंक

सीएसबी बैंक ने बैंक प्रतिनिधियों के साथ ऐसे कार्यों के लिए समझौता किया जो निर्धारित दायरे से बाहर थे। इसके अलावा कुछ बचत खातों पर शुल्क लगाने से पहले ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

🔹 डीसीबी बैंक

डीसीबी बैंक कुछ गैर-कृषि गोल्ड लोन खातों में निर्धारित ‘लोन-टू-वैल्यू’ (LTV) अनुपात को ऋण अवधि के दौरान बनाए रखने में विफल रहा।

🔹 आईआईएफएल फाइनेंस

पुनर्गठन के दौरान कुछ खातों को ‘गैर-निष्पादित परिसंपत्ति’ (NPA) के रूप में सही तरीके से वर्गीकृत नहीं किया गया।

🔹 नवी फिनसर्व

कंपनी ने बकाया ऋण की वसूली के दौरान ग्राहकों से अनुचित समय पर संपर्क किया और संदेश भेजने में निर्धारित आचार नियमों का पालन नहीं किया।

आरबीआई ने स्पष्ट किया कि ये दंड नियामकीय अनुपालन में खामियों के कारण लगाए गए हैं।

Lead Bank Scheme में बदलाव का प्रस्ताव

आरबीआई ने ‘अग्रणी बैंक योजना’ (Lead Bank Scheme–LBS) के परिचालन ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संशोधित दिशानिर्देशों का मसौदा जारी किया है। यह योजना वर्ष 1969 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य जिला स्तर पर विकास गतिविधियों का बेहतर समन्वय और बैंकिंग सेवाओं का योजनाबद्ध विस्तार करना है।

🔹 क्या है Lead Bank Scheme?

एलबीएस के तहत प्रत्येक जिले में एक अग्रणी बैंक नामित किया जाता है, जो:

  • वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है

  • प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण वितरण की निगरानी करता है

  • सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तालमेल सुनिश्चित करता है

इसका मुख्य उद्देश्य कृषि, एमएसएमई, स्वरोजगार और कमजोर वर्गों तक ऋण प्रवाह बढ़ाना और बैंकिंग सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

प्रस्तावित बदलावों की मुख्य बातें

  • योजना के उद्देश्यों को और स्पष्ट एवं परिष्कृत करना

  • विभिन्न मंचों की संरचना, सदस्यता और कार्यसूची को सुव्यवस्थित करना

  • प्रमुख पदाधिकारियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना

  • State Level Bankers’ Committee (SLBC) और अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) कार्यालयों को सशक्त बनाना

इन सुधारों का लक्ष्य एलबीएस को अधिक जवाबदेह, परिणामोन्मुख और वर्तमान बैंकिंग जरूरतों के अनुरूप बनाना है, ताकि जमीनी स्तर पर विकास कार्यक्रमों का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

आरबीआई की यह कार्रवाई बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और नियामकीय अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वहीं, Lead Bank Scheme में प्रस्तावित बदलाव वित्तीय समावेशन और जिला स्तर पर विकास गतिविधियों को नई गति दे सकते हैं।

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