तो मोदी ने इसलिए बढ़ाई है दाढ़ी

जुबिली न्‍यूज डेस्‍क

देश में जब कोरोना वायरस ने पैर पसारना शुरू किया था तो मार्च के महीने में पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए एक दिन के जनता कर्फ्यू की घोषणा की थी। उस दौरान जब वह टीवी पर नजर आए तो उनकी दाढ़ी करीने से कटी हुई और छोटी  थी।

करीब तीन महीने बाद जब अनलॉक-2 की घोषणा के बाद उन्होंने देश को संबोधित किया तो उनकी दाढ़ी काफी बढ़ी हुई थी। ऐसा लग रहा था कि उन्होंने कई दिनों से अपनी दाढ़ी नहीं कटवाई है। उस समय कोरोना और लॉकडाउन के वजह से आम जनता को भी काफी दाढ़ी बनवाने में काफी परेशानी हुई थी। ऐसे में लोग अंदाजा लगाने लगे कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आम जनता को संदेश देने के लिए अपनी दाढ़ी नहीं कटवाई है।

क्या पीएम मोदी की लंबी दाढ़ी देश के लोगों के लिए है एक संदेश?

बात अगर वर्तमान समय की कि जाए तो पीएम मोदी कई कार्यक्रमों में और चुनावी रैलियों में श‍मिल हो रहे हैं जिससे ये बात तो साफ हो रही है कि वे उनकी दाढ़ी बढ़ाना और कोरोना का कोई लिंक नहीं है। लेकिन अभी जनता के मन में सवाल बना हुआ है कि आखिर पीएम मोदी अपने बाल और दाढ़ी लंबे क्‍यों किए हुए हैं।

तमाम चर्चाओं के बीच बीजेप नेता राजा बुंदेला ने अपने ट्वीटर हैंडिल से एक ट्वीट कर नए डिबेट को जन्‍म दे दिया है।  दरअसल, बीजेपी नेता राजा बुंदेला ने पीएम मोदी को महापुरूषों का अवतार बताया है। सोशल मीडिया साइट ट्वीटर पर एक फोटो शेयर कर राजा ने लिखा है- महापुरूषों का अवतार नमो में दिखे बार बार …

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https://twitter.com/BabluAnchor/status/1318110600392708096?s=20

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी जितना अपने भाषण और कार्यशैली पर ध्‍यान देते है उतना ही अपने लुक पर भी। अक्‍सर उनके कपड़े पहनने की चर्चा होती रहती है। छोटी दाढ़ी रखने वाले पीएम मोदी इन दिनों लंबी दाढ़ी रखे हुए हैं। जो जनता के मन में कौतुहल का विषय बना हुआ है कि आखिर पीएम मोदी ने इतनी लंबी दाढ़ी क्‍यों रखी है।

ट्वीटर पर कई यूजर पीएम मोदी की बड़ी हुई दाढ़ी को अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़ कर देख रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि पीएम मोदी ने बंगाल चुनाव में जनता का दिल जीतने के लिए अपनी दाढ़ी बड़ाई है जिससे वो रविंद्र नाथ टैगोर जैसे दिखने लगे।

हालांकि जब उडुपी के प्रसिद्ध पीजवारा मठ (मठ) के द्रष्टा, विश्वरूपसना तीर्थ से पीएम मोदी की बड़ी हुई दाढ़ी के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री की बढ़ती दाढ़ी और बाल का कारण राम मंदिर निर्माण को पूरा करने के लिए एक संकल्प या एक पवित्र प्रतिज्ञा है।

मंदिर ट्रस्ट पर सवालों के जवाब में, द्रष्टा ने कहा, “मंदिर के निर्माण के लिए शिलान्यास करने के अलावा, पीएम मोदी ने इसका निष्पादन सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी ली है। स्वाभाविक रूप से, रीति-रिवाजों से पता चलता है कि संकल्प को निष्पादित करते समय किसी को अपने बाल नहीं काटने चाहिए और यह (शायद) उनके (लंबे) बालों का कारण हो।

यह कहते हुए कि संपूर्ण मंदिर निर्माण परियोजना और उस स्थान के विकास में लगभग साढ़े तीन साल लग सकते हैं, स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ ने कहा कि कुल लागत का मौजूदा अनुमान लगभग 1,500 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा, “इसमें मंदिर के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये और आसपास के क्षेत्र को विकसित करने के लिए बाकी राशि शामिल है।”

स्वामी रामवृक्ष तीर्थन, जो श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के 15 लोगों में से एक हैं, उत्तरी कर्नाटक के बागलकोट में मीडिया से बात कर रहे थे।पीजावर मठ संत माधवाचार्य द्वारा स्थापित अष्ट मठों (आठ मठों) में से एक है। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती यहाँ तक कि स्वामी विश्वरूपसना के पूर्ववर्ती स्वामी विश्वेशवतीर्थ को अपना आध्यात्मिक गुरु और पिता की शख्सियत मानती थीं, जिन्होंने उन्हें ‘सन्यास दीक्षा’ (मठ में दीक्षा) दी थी।

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