पुतिन का केमिकल वार! यूक्रेन के लिए बना ‘धीमी मौत’ का प्लान?

जुबिली स्पेशल डेस्क

यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। गुरुवार को यूक्रेन ने रूस के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को मार गिराया, जिसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का करीबी माना जाता था। इसके बाद से रूसी सेना ने यूक्रेन में जवाबी हमले और भी ज्यादा उग्र कर दिए हैं।

एक ओर राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ रसायनिक हथियारों का खुला इस्तेमाल भी सामने आया है। नीदरलैंड की सैन्य खुफिया एजेंसी के हवाले से आई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस ने यूक्रेन में प्रतिबंधित रासायनिक एजेंटों का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया है।

डच खुफिया एजेंसी ने जुटाए सबूत

नीदरलैंड के रक्षा मंत्री और सैन्य खुफिया प्रमुख पीटर रिसिंक ने बताया कि डच एजेंसियों के पास ऐसे ठोस प्रमाण हैं जो रूस के रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को साबित करते हैं। रिसिंक के मुताबिक रूस ने अब तक हजारों बार इन जहरीले हथियारों का उपयोग किया है।

यूक्रेनी आंकड़ों के अनुसार, करीब 2500 लोग इन हमलों में घायल हुए हैं जबकि 3 नागरिकों की मौत भी हो चुकी है। यूक्रेन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता के खिलाफ बताया है।

कौन से रसायनिक हथियार कर रहा है रूस इस्तेमाल?

2024 में अमेरिका ने रूस पर आरोप लगाया था कि वह क्लोरोपिक्रिन (Chloropicrin) का इस्तेमाल कर रहा है। यह एक गैस आधारित जहरीला पदार्थ है जो दंगा नियंत्रण के दौरान इस्तेमाल होने वाले एजेंट्स से भी अधिक खतरनाक है।

इस केमिकल का इस्तेमाल विशेष रूप से खाइयों में छिपे सैनिकों या ड्रोन ऑपरेटर्स को बाहर निकालने के लिए किया जाता है। रूस पहले गैस छोड़ता है, फिर जैसे ही व्यक्ति बाहर आता है, उसे मार गिराया जाता है।

कमांडरों ने सैनिकों को दिया खुला निर्देश

डच इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, अब रूसी कमांडरों ने अपने सैनिकों को रसायनिक हथियारों के भरपूर इस्तेमाल का निर्देश दे दिया है। इससे पहले ऐसे हमले सीमित थे, लेकिन अब इनका दायरा बढ़ता जा रहा है।

1997 में हो चुका है वैश्विक प्रतिबंध

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उन पर 1997 में वैश्विक प्रतिबंध लगाया गया था। क्लोरोपिक्रिन जैसे रसायन त्वचा, आंख और सांस की नली को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। इनके संपर्क में आने पर गंभीर जलन, उल्टी, सांस लेने में दिक्कत और कभी-कभी मौत भी हो सकती है।

अब सवाल उठता है — क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय उठाएगा सख्त कदम?

यूक्रेन ने वैश्विक मंचों पर अपील की है कि रूस के इन हमलों को ‘युद्ध अपराध’ घोषित किया जाए। देखना यह है कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों की प्रतिक्रिया क्या होती है।

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