दिल्ली में प्रदूषण विरोध प्रदर्शन के बीच नक्सलियों के समर्थन में नारे, विवाद खड़ा

जुबिली स्पेशल डेस्क

देश की राजधानी दिल्ली के बीचोबीच इंडिया गेट के पास चल रहे वायु प्रदूषण के विरोध प्रदर्शन के दौरान नक्सलियों के समर्थन में नारेबाजी ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, प्रदूषण के खिलाफ जुटे युवाओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू किया था, लेकिन इसी दौरान कुछ लोगों ने ‘लाल सलाम’ के नारे लगाए और कहा, “जितने हिडमा मारोगो, हर घर से हिडमा निकलेगा।”

यह नारेबाजी प्रदूषण विरोधी आंदोलन के उद्देश्य से हटकर एक राजनीतिक विवाद में बदल गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की निगरानी कर रही हैं और यह देख रही हैं कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण बना रहे।

 

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दिल्ली प्रदूषण प्रदर्शन पर बीजेपी नेता अमित मालवीय का हमला, JNU स्टूडेंट एक्टिविस्ट्स पर निशाना

दिल्ली में वायु प्रदूषण के विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेता अमित मालवीय ने चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि सर्दियों में दिल्ली का AQI चिंता का विषय है, लेकिन इस साल हवा की गुणवत्ता पिछले 10 सालों की तुलना में बेहतर रही है। उनका कहना है कि इसका मुख्य कारण केंद्र सरकार के कदमों के बाद पूरे उत्तर भारत में खेतों में आग लगने की घटनाओं में कमी है। वहीं, AAP शासित पंजाब को उन्होंने “सबसे बड़ा अपराधी” बताया।

मालवीय ने कहा कि पिछले दस सालों में, जब दिल्ली में अर्बन नक्सल मुख्यमंत्री था, तब शहर में दम घुटने के बावजूद कोई बड़ा प्रदूषण विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही बीजेपी सत्ता में आई, अचानक प्रदूषण के नाम पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। उनके अनुसार, ये विरोध प्रदर्शन कम्युनिस्ट एजेंडे से प्रेरित हैं, पर्यावरण की चिंता से नहीं, और इसके पीछे वही JNU के लेफ्ट-एलाइंड यूनियनों के स्टूडेंट एक्टिविस्ट्स हैं।

कानून और प्रदर्शन

अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने एयर क्वालिटी पर नाटक करते हुए, मरे हुए नक्सली हिडमा माडवी की तारीफ में नारे लगाए और पुलिस पर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून अपना काम करेगा तो ये लोग फिर “दमन-दमन” चिल्लाएंगे।

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