Tuesday - 17 February 2026 - 9:15 AM

असम में सियासी संग्राम तेज: भूपेन बोरा के इस्तीफे पर घमासान, BJP में शामिल होने की अटकलें

जुबिली स्पेशल डेस्क

असम में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति गरमा गई है। भूपेन बोरा के इस्तीफे की खबर ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया।

हालांकि देर शाम यह चर्चा भी सामने आई कि उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया है। इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि बोरा ने इस्तीफा वापस नहीं लिया है और उनसे मुलाकात तय है।

CM सरमा का दावा: “मुलाकात के बाद तस्वीर साफ होगी”

उत्तर प्रदेश दौरे पर पहुंचे सरमा ने मिर्जापुर में कहा कि उन्होंने हाल ही में बोरा से फोन पर बात की है और उन्हें मंगलवार शाम 7 बजे उनके घर बुलाया गया है।

सरमा ने कहा, “अगर उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया होता तो मुझे क्यों बुलाते?”उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बोरा के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की संभावना है। सरमा ने यहां तक कहा कि असम कांग्रेस में वह “आखिरी हिंदू नेता” हैं और अगर वे BJP में आते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी।

कांग्रेस का दावा: आलाकमान के हस्तक्षेप से नरमी

इधर जितेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने बोरा से बात की है। उनके मुताबिक मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से बातचीत के बाद बोरा ने इस्तीफे पर पुनर्विचार करने का फैसला किया है।

जितेंद्र सिंह ने इसे कांग्रेस का “अंदरूनी मामला” बताते हुए कहा कि जिन मुद्दों से बोरा नाराज थे, उन पर विस्तार से चर्चा हुई है।

बोरा को मनाने के लिए गौरव गोगोई, सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया समेत कई वरिष्ठ नेता उनके घर पहुंचे।

बोरा ने मांगा समय

करीब 32 वर्षों से कांग्रेस से जुड़े बोरा ने कहा कि उन्होंने अंतिम फैसला लेने से पहले परिवार और समर्थकों से चर्चा के लिए समय मांगा है। उनका कहना है कि इस्तीफा भेजना गलत नहीं था, लेकिन आगे का निर्णय सोच-समझकर लिया जाएगा।
बिहपुरिया से दो बार विधायक रह चुके बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस अध्यक्ष रहे। बाद में उनकी जगह गौरव गोगोई को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

“CM घर आएं तो गर्व की बात”

CM सरमा के उनके घर आने के बयान पर बोरा ने कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री उनके घर आता है तो यह गर्व की बात है। उन्होंने सरमा के पुराने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर भी सवाल उठाए।

इससे पहले सरमा ने साफ कहा था कि BJP के दरवाजे बोरा के लिए खुले हैं और यदि वे पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें “सेफ सीट” से चुनाव लड़ाने में मदद की जाएगी।

असम की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में बड़ा मोड़ ला सकता है, क्योंकि चुनाव से पहले दल-बदल की अटकलें तेज हो गई हैं।

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