अडियाला जेल के बाहर इमरान खान की बहनों पर आधी रात पुलिस कार्रवाई, केमिकल मिले पानी की बौछार

जुबिली स्पेशल डेस्क
पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित अडियाला जेल के बाहर देर रात उस समय तनाव बढ़ गया, जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों पर पंजाब पुलिस ने वाटर कैनन से कथित तौर पर केमिकल मिला पानी छोड़ा। ठंड के मौसम में हुई इस कार्रवाई से प्रदर्शनकारी पूरी तरह भीग गए और हालात बिगड़ गए।
इमरान खान की बहनें—आलिमा खान, उज्मा खान और नोरीन खान नियाज़ी—PTI नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं। उनका कहना था कि वे केवल इमरान खान से मुलाकात की अनुमति मांग रहे थे, जिन्हें अडियाला जेल में रखा गया है और जिन पर कई मामलों की सुनवाई चल रही है।
मार्च रोकने पर बढ़ा विवाद
प्रदर्शनकारियों ने जेल की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रास्ता रोक दिया। इसके बाद देर रात वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया। PTI ने सवाल उठाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर इस तरह की कार्रवाई किस कानून के तहत की गई।
हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप
PTI का कहना है कि इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने मार्च 2025 में आदेश दिया था कि इमरान खान को सप्ताह में दो बार—मंगलवार और गुरुवार—परिवार से मुलाकात की अनुमति दी जाए। पार्टी का आरोप है कि इस आदेश का पालन नहीं किया जा रहा, इसी के विरोध में जेल के बाहर प्रदर्शन किया जा रहा था।
महिलाओं और बुजुर्गों पर कार्रवाई का दावा
PTI ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों पर केमिकल युक्त या जहरीले पानी का छिड़काव किया गया। पार्टी का दावा है कि कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी हुई और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल
इमरान खान की बहन आलिमा खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में न्यायपालिका की स्वतंत्रता खत्म की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है और सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने 2 दिसंबर को उज्मा खान की इमरान खान से हुई संक्षिप्त मुलाकात का हवाला देते हुए कहा कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को मानसिक दबाव में रखा जा रहा है।
PTI का कहना है कि सरकार इमरान खान को राजनीतिक रूप से अलग-थलग करना चाहती है, लेकिन जनता का समर्थन अब भी उनके साथ है। इस घटना ने पाकिस्तान की राजनीति में तनाव को और गहरा कर दिया है।


