ढाका में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई, बच्ची को घसीटने का वीडियो वायरल
- Bangladesh News: ढाका में मोबाइल कारोबारियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई
- बच्ची को घसीटने का वीडियो वायरल
जुबिली स्पेशल डेस्क
बांग्लादेश की राजधानी ढाका से सामने आई एक घटना ने पुलिस कार्रवाई और मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को मोबाइल फोन कारोबारियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में एक बच्ची को उसकी मां के साथ सड़क पर घसीटते हुए देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह घटना ढाका के करवान बाजार इलाके की है, जहां मोबाइल फोन ट्रेडर्स ने नेशनल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (NEIR) प्रणाली के विरोध में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
NEIR के विरोध में सड़क जाम
प्रदर्शनकारी व्यापारियों का कहना है कि NEIR सिस्टम लागू होने से अवैध मोबाइल फोन की बिक्री पर रोक लगेगी, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों को भारी नुकसान होगा। इसी के विरोध में उन्होंने करवान बाजार चौराहे को जाम कर दिया।
पुलिस कार्रवाई और हालात बिगड़े
दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने सड़क खाली कराने के लिए कार्रवाई शुरू की। पहले चेतावनी दी गई, फिर वॉटर कैनन का इस्तेमाल हुआ। इसके बाद लाठीचार्ज और साउंड ग्रेनेड का प्रयोग किया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।

वायरल वीडियो में क्या दिखा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक बच्ची को उसकी मां के साथ पुलिसकर्मी जबरन घसीटते नजर आ रहे हैं। बच्ची रोती हुई दिखाई देती है, जबकि आसपास मौजूद लोग पुलिस से संयम बरतने की अपील करते सुनाई देते हैं। इसके बावजूद कार्रवाई जारी रहती है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।
पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारी अवैध रूप से सड़क जाम कर रहे थे, जिससे आम जनता को गंभीर असुविधा हो रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ लोग आसपास की गलियों में चले गए।
सरकार की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के विशेष सहायक फैज अहमद तैय्यब ने कहा कि सरकारी संस्थानों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि अंतरिम सरकार पहले ही व्यापारियों की कुछ मांगों को मान चुकी है, जिनमें कानूनी तौर पर आयात किए गए मोबाइल फोनों पर ड्यूटी में कमी और टैक्स चोरी से आए उपकरणों को नियमित करने का अवसर शामिल है।

NEIR सिस्टम का उद्देश्य
NEIR प्रणाली को अवैध मोबाइल फोन बिक्री पर रोक लगाने, मोबाइल वित्तीय धोखाधड़ी रोकने, चोरी हुए हैंडसेट्स को ट्रैक करने और सरकारी राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से लागू किया गया है। यह कानून 16 दिसंबर 2025 से प्रभावी हुआ है।
मानवाधिकारों पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक चिंता बच्चों के साथ हुए व्यवहार को लेकर जताई जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन कार्रवाई के दौरान मासूमों का प्रभावित होना पुलिसिंग के तरीकों पर सवाल खड़े करता है। इस घटना के बाद बांग्लादेश में पुलिस प्रशिक्षण, भीड़ नियंत्रण के प्रोटोकॉल और मानवाधिकारों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
🚨 "Human rights" in today's Bangladesh under the misrule of Muhammad Yunus, for which, @JoeBiden, @BarackObama, @BillClinton, @HillaryClinton and @georgesoros are fully responsible. Their common agenda is to turn the country into a rogue Caliphate – worse than Iran. pic.twitter.com/fGfO67omw9
— Salah Uddin Shoaib Choudhury (@salah_shoaib) January 4, 2026
आगे क्या असर हो सकता है
-
पुलिस कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया संभव
-
NEIR सिस्टम के खिलाफ विरोध और तेज हो सकता है
-
मानवाधिकार संगठनों का सरकार पर दबाव बढ़ सकता है
-
पुलिस के भीड़ नियंत्रण तरीकों की समीक्षा की मांग तेज हो सकती है
ढाका की सड़कों पर हुई यह घटना सिर्फ एक प्रदर्शन से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि जब प्रशासन और आक्रोश आमने-सामने आते हैं, तो सबसे ज्यादा असर कमजोर और मासूम लोगों पर पड़ता है।
