केदारनाथ त्रासदी को याद कर भावुक हुए PM, जानें संबोधन में क्या कहा

जुबिली स्पेशल डेस्क

देहरादून। पीएम मोदी शुक्रवार की सुबह केदारनाथ धाम पहुंचकर पूर्जा अर्चना की है। इससे पहले उन्होंने मन्दिर की ओर जाते समय प्रोटेक्शन वॉल पर लगायी गयी पेंटिंग्स को देखा है।

इस दौरान मोदी ने पहले चरण में पूर्ण हो चुके पुनर्निर्माण कार्यों और अन्य होने वाले निर्माण कार्यों पर आधारित वृत फिल्म को देखा है।

प्रधानमंत्री द्वारा रुद्राभिषेक किये जाने के दौरान देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग और आठ मठों में भी इसका लाइव प्रसारण किया जा रहा है।

इस दौरान पीएम मोदी के मन्दिर में प्रवेश से पूर्व मन्दिर समिति के अधिकारियों और प्रमुख सन्तों ने पीएम मोदी का जोरदार स्वागता किया और उन्हें पट्टा भेंट किया।

प्रधानमंत्री केदारनाथ धाम में 12 फीट लंबी और 35 टन वजन वाली आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा और समाधि का अनावरण किया है। बता दें कि साल 2013 की बाढ़ के बाद यह क्षतिग्रस्त हो गयी थी। इसके बाद अब इसका पुनरोद्धार किया गया है।

देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा

मोदी ने यहां पहुंचते ही कहा है कि दीपावली के अवसर पर कल मैं अपने सैनिकों के साथ था। आज मैं सैनिकों की भूमि पर हूं। इससे पहले उन्होंने जय बाबा केदार के नारे लगाए।

इसके बाद उन्होंने कहा कि मैंने त्योहार की खुशियां अपने सैनिकों के साथ बांटी हैं। मैं 130 करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद लेकर उनके पास गया था।

गोवर्धन पूजा के दिन केदारनाथ धाम जी में दर्शन-पूजा करने का मुझे सौभाग्य मिला है। बाबा केदार के दर्शन के साथ मैंने आदि शंकराचार्य की समाधि स्थल में कुछ पल बिताए।

वे दिव्य पल थे। मैं केदारनाथ आकर कण-कण से जुड़ जाता हूं। आप सभी आदि गुरु की प्रतिमा की पुर्नस्थापना के साक्षी बन रहे हैं। हमारे देश में एक से बढक़र एक तपस्वी आध्यात्मिक चेतना को जगाते रहते हैं। मैं सभी संतों को यहीं से प्रणाम करके आपका आशीर्वाद चाहता हूं।

भगवान शंकर की कृपा से इस भूमि पर विकास कार्य हुए हैं : PM

देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज केदारनाथ में यात्री सेवाओं और सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाओं का शिलान्यास भी हुआ है।

पर्यटक सुविधा केंद्र का निर्माण हो, यात्रियों और यहां की सुविधा के लिए आधुनिक अस्पताल हो ऐसी कई सुविधा श्रद्धालुओं की सेवा का माध्यम बनेंगी।

इस आदि भूमि पर शाश्वत के साथ आधुनिकता का ये मेल, विकास के ये काम भगवान शंकर की सहज कृपा का ही परिणाम हैं। मैं इन पुनीत प्रयासों के लिए उत्तराखंड सरकार का, मुख्यमंत्री धामी जी का, और इन कामों की जिम्मेदारी उठाने वाले सभी लोगों का भी धन्यवाद करता हूं।

यहा का काम ईश्वरीय कृपा है

प्रधानमंत्री ने कहा कि केदारनाथ में आई आपदा के बाद लोगों को लग रहा था कि क्या उनका केदार कभी फिर से खड़ा हो पाएगा। पर मुझे विश्वास था कि केदारनाथ पूरी आन-बान-शान के साथ खड़ा होगा।

यहां मेरे विश्वास के साकार होने का संतोष है। केदारनाथ की सेवा से बड़ा पुण्य कुछ भी नहीं है। यहा का काम ईश्वरीय कृपा है। इसका इंसान क्रेडिट नहीं ले सकता है।

यहां बर्फबारी के बीच भी मेरे सभी भाई-बहन वे ये ईश्वरीय कार्य मानकर, काम छोड़कर जाते नहीं थे, काम करते थे तभी ये काम हो पाया है। मैं अपने दफ्तर से ड्रोन के जरिए लगातार बारिकियों को देखता था। मैं यहां वर्चुअली आता था।

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