पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में काबुल में 400 नागरिकों की मौत, अस्पताल भी निशाना बना

काबुल: पाकिस्तान की वायुसेना ने बीती रात (16 मार्च) अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में कई जगहों पर हवाई हमले किए, जिसमें सैकड़ों नागरिकों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए। पाकिस्तानी पश्तून मानवाधिकार कार्यकर्ता और पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) के प्रमुख मंजूर पश्तीन ने इस हमले की कड़ी निंदा की।

‘आतंकी हमला’

मंजूर पश्तीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखा कि रमज़ान की सत्रहवीं तारीख को पाकिस्तान ने काबुल के एक अस्पताल पर हमला किया। इस हमले में कई निर्दोष नागरिक शहीद हुए और कई अन्य घायल हुए। उन्होंने कहा कि PTM इस मासूम खून की आवाज़ को दुनिया भर में पहुंचाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान के कुछ उलेमा हर दौर में काबुल को नुकसान पहुंचाने के फतवे देते रहे हैं। मंजूर पश्तीन ने कहा कि उन्हें कम से कम इन निर्दोष लोगों और अस्पताल में पड़े मरीजों के शवों को देखकर शर्म महसूस करनी चाहिए।

सीमा पर अत्याचार बढ़े

मंजूर पश्तीन ने सीमा के दोनों ओर पाकिस्तानी सेना और औपनिवेशिक ताकतों की अत्याचारपूर्ण कार्रवाइयों को दिन-प्रतिदिन बढ़ता हुआ बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राष्ट्रीय मशविरा और उठान की पहल से राष्ट्र की ताकत बढ़ेगी और दुश्मन को नुकसान पहुंचेगा।

रिहायशी इलाके और अस्पताल पर हमला

जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना ने बीती रात साढ़े 9 बजे अपने JF-17 और F-16 विमानों से हमला किया। हमले का निशाना अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के पास रिहायशी इलाके, खुफिया एजेंसी GDI के हेडक्वार्टर के पास रिहायशी इलाके, राष्ट्रपति भवन के पास रिहायशी इलाके और काबुल एयरपोर्ट के पास पुराने नाटो बेस में स्थित 2,000-बेड वाला सरकारी अस्पताल रहे।

भारी बमबारी के कारण रक्षा मंत्रालय और GDI के पास पूरा आसमान आग से भर गया। राष्ट्रपति भवन के पास के रिहायशी इलाके और पार्की सनाई कोचक इलाके में स्थित अस्पताल भी आग की लपटों में घिर गया।

मौत और घायल होने वालों की संख्या

काबुल की पांच जगहों पर कुल 23 मिनट में हुए इस हमले में रात 2 बजे तक की जानकारी के अनुसार 400 लोग शहीद हो गए और 250 से अधिक घायल हुए। इसके अलावा, पाकिस्तानी सेना ने नंगरहार प्रांत में भी बमबारी की, जहां फिलहाल किसी के मारे जाने या घायल होने की सूचना नहीं मिली है।

काबुल में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और घायल तथा दबे हुए लोगों को निकालने का काम अस्पताल और रिहायशी इलाकों से जारी है।

Related Articles

Back to top button