पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव चरम पर, हवाई हमलों और आरोपों से बढ़ा टकराव

जुबिली स्पेशल डेस्क
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। तालिबान की ओर से दावा किया गया है कि पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए। तालिबान प्रवक्ता के अनुसार काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांत के कुछ हिस्सों को निशाना बनाया गया। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन हमलों में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरे घटनाक्रम के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान की ओर से भारत की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि NATO सेनाओं की अफगानिस्तान से वापसी के बाद उम्मीद थी कि वहां स्थिरता आएगी और तालिबान अफगान जनता के हितों पर ध्यान देगा। लेकिन उनके अनुसार, हालात इसके उलट दिशा में गए हैं।
आसिफ ने आरोप लगाया कि अफगान धरती पर आतंकी संगठनों को पनाह दी जा रही है और वहां से अस्थिरता को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि तालिबान भारत के प्रभाव में काम कर रहा है।
मानवाधिकारों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अफगान प्रशासन ने अपने ही नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, के अधिकारों को सीमित किया है। उनके मुताबिक पाकिस्तान ने हालात को सामान्य करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर कई प्रयास किए, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले कई दशकों में लाखों अफगान शरणार्थियों को शरण दी है और आज भी बड़ी संख्या में अफगान नागरिक पाकिस्तान में रह रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान को निशाना बनाया गया तो उसकी सेना जवाब देने में सक्षम है और अब धैर्य की सीमा समाप्त हो रही है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। स्वतंत्र स्रोतों से कई दावों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।


