‘मैं लहसुन-प्याज नहीं खाती, नहीं पड़ता मुझपर कोई फर्क’

न्यूज डेस्क

प्याज की बढ़ी कीमत की वजह से आम आदमी परेशान है लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। पिछले दो माह में प्याज की कीमत घटते-बढ़ते सौ रुपए पार कर गया और सरकार दाम पर नियंत्रण करने में नाकाम रही। बुधवार को संसद में भी प्याज पर चर्चा हुुई।

एक सांसद ने प्याज के दाम में बढ़ोत्तरी पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सवाल किया तो उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि प्याज की बढ़ती कीमतों से व्यक्तिगत तौर पर उन पर कोई खास असर नहीं पड़ा है, क्योंकि उनका परिवार प्याज-लहसुन जैसी चीजों को खास पसंद नहीं करता है।

वित्तमंत्री के इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। हालांकि संसद में वित्त मंत्री ने प्याज की बढ़ती कीमत पर कहा कि सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिये कई कदम उठाये हैं जिनमें इसके भंडारण से जड़े ढांचागत मुद्दों का समाधान निकालने के उपाय शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर वित्त मंत्री के बयान ‘मैं बहुत ज्यादा प्याज-लहसुन नहीं खाती इसलिये चिंता न करें। मैं ऐसे परिवार से आती हूं, जिसे प्याज की कोई खास परवाह नहीं है।’ की आलोचना हो रही है। लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के पहले बैच पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, ”प्याज के भंडारण से कुछ ढांचागत मुद्दे जुड़े हैं और सरकार इसका निपटारा करने के लिये कदम उठा रही है।”

उन्होंने कहा कि खेती के रकबे में कमी आई है और उत्पादन में भी गिरावट दर्ज की गई है लेकिन सरकार उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिये कदम उठा रही है।

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