डर का व्यापार और ‘माइंड गेम’: जानें कैसे अशोक खरात बनाता था लोगों को अपना शिकार

नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ जारी पुलिस जांच में हर दिन नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। SIT (विशेष जांच दल) की छापेमारी में खरात के ‘तृप्तबाला’ बंगले से दस्तावेजों का एक जखीरा मिला है, जो इस पूरे मामले को महज अंधविश्वास से आगे बढ़ाकर एक बड़े संगठित अपराध की ओर ले जा रहा है।
1. फर्जी खातों का जाल और आर्थिक धोखाधड़ी
पुलिस द्वारा खरात के आवास और कार्यालय पर की गई छापेमारी में भारी मात्रा में आधार और पैन कार्ड की प्रतियां बरामद हुई हैं। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं:
- 131 फर्जी खाते: अब तक की जांच में 131 संदिग्ध बैंक खातों की पुष्टि हो चुकी है।
- एक नंबर, कई खाते: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दर्जनों बैंक खातों में एक ही मोबाइल नंबर लिंक मिला है, जो कथित तौर पर अशोक खरात का है।
- विस्तृत नेटवर्क: नासिक के अलावा पुणे और आहिल्यानगर में भी इसी तरह के फर्जी खातों के होने का संदेह है।
- नॉमिनी का खेल: खरात पतसंस्थाओं (Credit Societies) में खाते खुलवाकर खुद को ‘नॉमिनी’ बनाता था ताकि पैसों के लेनदेन पर उसका पूरा नियंत्रण रहे।
2. भक्तों के डेटा का गलत इस्तेमाल
खरात का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर था। वह अपने सहयोगियों (पंटर्स) के जरिए भक्तों को जाल में फंसाता था।
- भक्तों से पूजा या अन्य धार्मिक कार्यों के नाम पर आधार और पैन कार्ड की फोटोकॉपी ली जाती थी।
- इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग उनकी जानकारी के बिना बैंक खाते खोलने और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जाता था।
3. ‘चमत्कार’ नहीं, चालाकी का खेल
पूछताछ के दौरान खरात ने जो स्वीकारोक्ति दी है, उसने उसके तथाकथित ‘दैवीय’ दावों की पोल खोल दी है। उसने कबूल किया कि उसके पास कोई अलौकिक शक्ति नहीं है।
“दुनिया झुकती है, झुकाने वाला चाहिए” — खरात का यह बयान उसके अहंकार और लोगों की मानसिकता से खेलने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
वह मुख्य रूप से महिलाओं को निशाना बनाता था। हाथ की सफाई, वैज्ञानिक ट्रिक्स और मनोवैज्ञानिक दबाव के जरिए वह लोगों को प्रभावित करता था। जो लोग उसके प्रभाव में नहीं आते थे, उन्हें ‘भगवान के प्रकोप’ (देवाचा कोप) का डर दिखाकर मानसिक रूप से गुलाम बनाया जाता था।
4. यौन शोषण और SIT की कड़ी कार्रवाई
इस मामले ने तब और भी गंभीर मोड़ लिया जब यौन शोषण की एक पीड़िता ने खरात के नेटवर्क और उसके शोषण के तरीकों के बारे में विस्तृत बयान दिए। सरकारवाड़ा पुलिस थाने में दर्ज मामलों के बाद अब SIT निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
- मंदिर से जुड़े संदिग्ध आर्थिक लेनदेन।
- कथित पूजाओं के नाम पर की गई अवैध वसूली।
- यौन शोषण और संगठित अपराध के तार।
पुलिस का मानना है कि यह केवल आस्था से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी आर्थिक और मानसिक साजिश है। अशोक खरात फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है, और एजेंसियां इस बड़े सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

