जुबिली स्पेशल डेस्क
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बजट न तो महिलाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और न ही राज्यों की वास्तविक जरूरतों को इसमें जगह दी गई है।
ममता बनर्जी का आरोप है कि बजट सिर्फ भाषणों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर इससे कोई ठोस फायदा होने वाला नहीं है।
महिलाओं के लिए ठोस प्रावधान नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण की बातें तो करती है, लेकिन बजट में महिलाओं के लिए कोई ठोस योजना या वित्तीय प्रावधान नजर नहीं आता। उनके मुताबिक, यह बजट महिलाओं की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता।

बंगाल को किया गया नजरअंदाज
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट में पश्चिम बंगाल के लिए एक भी ठोस घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार राज्य के साथ भेदभाव कर रही है और बंगाल को उसके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ SIR कराया जा रहा है और चुनाव आयोग समेत अन्य केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बजट
ममता बनर्जी ने दावा किया कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के बजाय कमजोर करने वाला है। उनके अनुसार, बजट में घोषणाएं तो कई हैं, लेकिन आम जनता को राहत देने वाली कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।
कॉरिडोर के दावों को बताया खोखला
बजट में तीन कॉरिडोर बनाए जाने के दावों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ दिखावटी घोषणाएं हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है और न ही यह साफ है कि इन्हें कैसे और कब लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट पूरी तरह दिशाहीन है, जिसमें न तो भविष्य की स्पष्ट योजना है और न ही राज्यों और आम लोगों की समस्याओं का कोई ठोस समाधान।
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