महाशिवरात्रि पर इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, प्रसन्न होंगे शिव

जुबिली न्यूज़ डेस्क

आज पूरे देश में महाशिवरात्रि बड़ी धूमधाम से मनाई जा रही हैं। शिव मंदिरों में भक्तों की लम्बी-लम्बी कतारें लगी हुई हैं। उधर हर की पौड़ी यानी हरिद्वार में आज से शुरू हो रहे महाकुम्भ का पहला स्नान है। पहले शाही स्नान की शुरुआत में जूना अखाड़ा, आह्वान अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा और किन्नर अखाड़ा के करीब 22 लाख लोगों ने डुबकी लगाई है।

दूसरी तरफ राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री, कांग्रेस सांसद राहुल ने देश वासियों को शिवरात्री की बधाई दी है। महाशिवरात्रि के पर्व पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट करते हुए लिखा कि महाशिवरात्रि के पुनीत अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं। देवी पार्वती और भगवान शिव के विवाह के पावन स्मरण स्वरुप मनाया जाने वाला यह पर्व संपूर्ण मानवता के लिए कल्याणकारी हो।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि सभी देशवासियों को महाशिवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं। हर-हर महादेव।

इस महापर्व की मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन कई मंदिरों में शिव-पार्वती की बारात भी निकाली जाती है।आज के दिन भक्त शिव मंदिरों में जाकर शिवलिंग पर बेलपत्र, दूध चढ़ा कर विधि-विधान से पूजा, व्रत और रात्रि जागरण करते हैं।

इस मुहूर्त में करे पूजा

इस महापर्व के निशीथ काल पूजा का समय- 11 मार्च, रात 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक
पहला प्रहर- 11 मार्च, शाम 06 बजकर 27 मिनट से 09 बजकर 29 मिनट तक
दूसरा प्रहर- रात 9 बजकर 29 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक
तीसरा प्रहर- रात 12 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 32 मिनट तक
चौथा प्रहर- 12 मार्च, सुबह 03 बजकर 32 मिनट से सुबह 06 बजकर 34 मिनट तक
महाशिवरात्री पारण मुहूर्त- 12 मार्च, सुबह 06 बजकर 36 मिनट से दोपहर 3 बजकर 04 मिनट तक

पूजा विधि

भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराएं. इसके बाद उन्हें जल चढ़ाएं. पूरी रात्रि का दीपक जलाएं। चंदन का तिलक लगाएं। बेलपत्र, भांग, धतूरा, गन्ने का रस, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं। इसके बाद सबसे आखिरी में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर प्रसाद बांटें।ॐ नमो भगवते रूद्राय, ॐ नमः शिवाय रूद्राय् शम्भवाय् भवानीपतये नमो नमः मंत्र का जाप करें।

ऐसा बताया जाता है कि भगवान शिव को श्रद्धा भाव से जलाभिषेक करने मात्र से ही सारी समस्याओं का अंत हो जाता है। इस दिन शिव पुराण का पाठ जरूर करें।

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