महाकुंभ में माघ पूर्णिमा स्नान: अब तक 1.02 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई

जुबिली न्यूज डेस्क 

महाकुम्भ में माघ पूर्णिमा स्नान के लिए उमड़ा आस्था का जनसमुद्र, वीएमडी से अलर्ट किए गए श्रद्धालु

सीएम योगी के विशेष निर्देश पर देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महाकुम्भनगर में व्यापक इंतजाम

स्नान के बाद घाटों पर अधिक समय न बिताकर शीघ्र गंतव्य की ओर बढ़ने की अपील

महाकुम्भनगर, 12 फरवरी : माघ पूर्णिमा के दिन महाकुंभ का पवित्र स्नान किया जा रहा है। माना जाता है कि इस दिन संगम तट पर स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति व्यक्ति को होती है, देवी-देवता भी इस दिन संगम तट पर डुबकी लगाने आते हैं। इस दिन रखे गए व्रत से उत्तम फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। माघ पूर्णिमा का स्नान महाकुंभ का पांचवां सबसे प्रमुख स्नान है, इसके बाद महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ का अंतिम प्रमुख स्नान किया जाएगा। माघ पूर्णिमा के पवित्र स्नान के दौरान 2 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के हिस्सा लेने की संभावना है।
महाकुंभ में माघ पूर्णिमा के स्नान के दौरान 10 बजे तक 1 करोड़ 20 लाख से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगा रहे हैं। स्नान अभी जारी है, और दिन चढ़ने के साथ-साथ पवित्र डुबकी लगाने वालों की संख्या 2 करोड़ से अधिक होने की संभावना है।

महाकुम्भ के पावन स्नान पर्व माघ पूर्णिमा के लिए देश विदेश के श्रद्धालु मंगलवार की रात से ही महाकुम्भनगर पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं के इतने बड़े जनसमुद्र के संगम तक पहुंचने और पवित्र स्नान के बाद उनकी सुरक्षित वापसी के लिए मंगलवार रात से ही मेला क्षेत्र में बड़े बड़े वैरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले (वीएमडी) पर जरूरी संदेश दिए जाने लगे। जिससे श्रद्धालुओं को स्नान में बड़ी सहूलियत हुई।

सीएम योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर महाकुम्भनगर प्रशासन ने देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरे मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए थे, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इसके अलावा स्नान के बाद घाटों पर अधिक समय न बिताकर शीघ्र गंतव्य की ओर बढ़ने की लोगों से बराबर अपील भी की जाती रही। जिससे श्रद्धालुओं को माघ पूर्णिमा के स्नान के लिए बड़ी सुविधा मिली।

घाटों पर रात से ही दी जाने लगी लगातार महत्वपूर्ण सूचनाएं, दिशा-निर्देश

गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। माघ पूर्णिमा का पुण्यकाल 11 फरवरी की शाम 6:55 बजे से शुरू होकर 12 फरवरी की शाम 7:22 बजे तक रहा। इस महाआयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मेला प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए। घाटों पर भीड़ नियंत्रण से लेकर डिजिटल सूचना प्रणाली से श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं प्रेषित की जाती रहीं। मेला प्रशासन ने जगह जगह बड़े बड़े वैरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले लगाकर श्रद्धालुओं से अपील की कि वे स्नान के बाद घाटों पर अधिक समय न बिताएं और शीघ्र अपने गंतव्य की ओर बढ़ें। इससे भीड़ नियंत्रण में काफी मदद मिली और सभी को सुगमता से स्नान का लाभ हुआ। वैरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले पर मंगलवार की रात से ही लगातार महत्वपूर्ण सूचनाएं, दिशा-निर्देश और सुरक्षा संबंधी अलर्ट प्रदर्शित किए जाते रहे।

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