मुस्लिम IAS को क्यों लगता है ‘खान’ सरनेम से डर

न्यूज़ डेस्क

बीते दिनों एमपी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की बैठक में प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल द्वारा बाहर किए जाने पर विभाग के उपसचिव नियाज अहमद खान एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार खान ने अपने मुस्लिम होने का दर्द बताया है। इसको लेकर उन्होंने सोशल मिडिया पर कई ट्वीट किये है।

अपने ट्विटर अकाउंट पर तवीत करते हुए नियाज़ खान ने लिखा है कि खान सरनेम का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है, ये भूत की तरह मेरे पीछे लगा है। खान सरनेम की वजह से उनकी अब तक की नौकरी में उनके दस जिलों में उन्नीस बार ट्रांसफर हो चुके हैं। एक साल से उन्हें सरकारी मकान तक आवंटित नहीं हुआ है।

इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वह अपनी नई किताब के लिए अपना नया नाम ढूंढ रहे हैं, जिससे वह अपने मुस्लिम होने की पहचान छुपा सकें और नफरत की तलवार से खुद को बचा सकें।

उन्होंने कहा कि नया नाम मुझे हिंसक भीड़ से बचाएगा। अगर मेरे पास टोपी, कुर्ता और दाढ़ी नहीं होगी तो मैं भीड़ को अपना नकली नाम बताकर आसानी से बच सकता हूँ। लेकिन अगर मेरे भाई ने पारंपरिक कपड़ों को पहना तो वह स्थिति बहुत ही खतरनाक है। इसके अलावा उन्होंने लिखा कि कोई भी संस्था उन्हें बचाने में सक्षम नहीं है, इसलिए बेहतर होगा कि हम अपना नाम बदल लें।

बॉलीवुड एक्टर्स को भी दी नाम बदलने की सलाह

बॉलीवुड के मुस्लिम अभिनेताओं को भी सलाह देते हुए उन्होंने कहा है कि वह अपना नाम बदल लें। नियाज खान ने लिखा, जी भी मुस्लिम बॉलीवुड एक्टर हैं उन्हें भी अपनी फिल्मों को बचाने के लिए नाम बदल लेना चाहिए। अब तो टॉप स्टार्स की भी फिल्में फ्लॉप होने लगी हैं उन्हें इसका मतलब समझना चाहिए।

लिख चुके हैं कई किताबें

आपको बता दें कि नियाज अहमद खान अब तक पांच पुस्तकें लिख चुके हैं। इससे पहले नियाज खान का अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम और बॉलीवुड अदाकारा मोनिका बेदी की लव स्टोरी के दफन राज नाबेल काफी चर्चा में रहा था। किताब लिखने के लिए उन्होंने अबू सलेम के साथ जेल में रहने की इच्छा भी जताई थी, हालांकि उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली थी। इसके अलावा उन्होंने तीन तलाक पर भी एक उपन्यास लिखा था जिसके बाद मुस्लिम समाज में भी उनका विरोध हुआ था।

नियाज का कहना है कि वे अब अपने ऊपर छठा नाबेल लिखेंगे, जिसमें उनके साथ सरकारी नौकरी में जो हुआ उसका खुलासा करेंगे। दरअसल, इसके जरिए नियाज खान ने अपने सीनियर ऑफिसर की प्रताड़ना का दर्द सबके सामने रखा था और लिखा था कि मुसलमान होने के कारण उन्हें भेदभाव का शिकार होना पड़ता है। बता दें कि गुना में ओडीएफ घोटाला उजागर करने के बाद शिवराज सरकार ने उन्हें मंत्रालय में पदस्थ कर दिया था।

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