लखनऊ: कैबिनेट बैठक में 13 प्रस्ताव पारित, शिक्षा, रोजगार और संपत्ति से जुड़ी बड़ी राहतें

जुबिली न्यूज डेस्क
लखनऊ में हाल ही में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 14 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 13 प्रस्ताव पारित कर दिए गए। बैठक के फैसलों की जानकारी मंत्री सुरेश खन्ना ने दी। इस बैठक में शिक्षा, रोजगार, संपत्ति और प्रशासनिक सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

1. परिवार के ब्लड रिलेशन में संपत्ति दान पर राहत
मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने बताया कि अब परिवार के सदस्य को किसी भी प्रकार की संपत्ति दान करने पर स्टाम्प शुल्क केवल ₹5000 लगेगा। इस निर्णय से पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया आसान और किफायती हो जाएगी। इससे बड़ी संख्या में लोगों को कानूनी प्रक्रिया के खर्च में राहत मिलेगी।
2. कुशीनगर और झांसी में नए स्टाम्प कार्यालयों का निर्माण
कैबिनेट ने कुशीनगर और झांसी में नए स्टाम्प कार्यालयों के निर्माण को मंजूरी दी। इन कार्यालयों के बनने से स्थानीय लोगों को स्टाम्प और संपत्ति से जुड़े कार्यों में सुविधा मिलेगी और कार्यालयों में भीड़ कम होगी।
3. ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर नीति की SOP पारित
मंत्री नंद गोपाल नंदी ने बताया कि ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर नीति की SOP (Standard Operating Procedure) पारित कर दी गई है।
इस नीति के तहत:
-
वित्त वर्ष में 21 औद्योगिक कंपनियों का निर्माण और संचालन शुरू होगा।
-
इससे 10,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।
यह निर्णय प्रदेश में उद्योग और रोजगार बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
4. JS विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि फर्जी मार्कशीट के मामले की जांच के बाद JS विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता रद्द कर दी गई है।
अब इस विश्वविद्यालय की डिग्री और सर्टिफिकेट का सत्यापन और संचालन आगरा के BR आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा।
इससे छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा होगी और फर्जी डिग्री के मामलों पर कड़ा संदेश जाएगा।
ये भी पढ़ें-साइकिल को झुका कर रोड बाइक बनाएंगी कांग्रेस !
कैबिनेट फैसलों का महत्व
ये निर्णय न केवल प्रशासनिक सुधार को मजबूत करेंगे, बल्कि शिक्षा, रोजगार और संपत्ति संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सरलता भी लाएंगे। विशेषकर परिवार में संपत्ति हस्तांतरण और नए स्टाम्प कार्यालयों के निर्माण से आम जनता को सीधा लाभ होगा। वहीं, ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर नीति और विश्वविद्यालयों की निगरानी से प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।


