Lok Sabha: वेस्ट एशिया संकट पर PM मोदी का बड़ा बयान, भारत पर असर को लेकर चिंता

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोकसभा में महत्वपूर्ण संबोधन दिया। करीब 24 दिनों से जारी संघर्ष के बीच पीएम ने कहा कि वहां के हालात बेहद चिंताजनक हैं और भारत इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस देश में तेल और गैस की सप्लाई को बनाए रखना है, ताकि आम जनता पर इसका असर कम से कम पड़े।

तेल-गैस संकट रोकने के लिए सरकार अलर्ट

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर्स के संपर्क में है।

  • पहले 27 देशों से आयात होता था, अब 41 देशों से तेल-गैस खरीदी जा रही है
  • सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए लगातार बातचीत जारी
  • आयात-निर्यात की समस्याओं पर नजर रखने के लिए विशेष ग्रुप गठित

पीएम ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि देश में किसी तरह का ऊर्जा संकट न पैदा हो।

‘कमर्शियल जहाजों पर हमला अस्वीकार्य’

पीएम मोदी ने साफ कहा कि Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्गों पर हमले और रुकावट अस्वीकार्य हैं।

उन्होंने बताया कि भारत ने हमेशा शांति का समर्थन किया है और सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है।

खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा बड़ी चिंता

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में करीब 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं और बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर्स भी जहाजों पर तैनात हैं।

  • अब तक 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं
  • 24×7 हेल्पलाइन और एडवाइजरी जारी
  • युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय मिशन लगातार मदद कर रहे हैं

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती

पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि संकट के समय जमाखोरी और कालाबाजारी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • राज्य सरकारों को सख्त कार्रवाई के निर्देश
  • लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
  • कोरोना काल जैसी एकजुटता दिखाने का आह्वान

उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा

इससे पहले पीएम मोदी ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पेट्रोलियम, गैस, बिजली और उर्वरक जैसे अहम क्षेत्रों की तैयारियों की समीक्षा की गई।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बिना बाधा जारी रहे।

विपक्ष के सवालों के बीच सरकार का जवाब

विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर बहस की मांग कर रहा है और ऊर्जा संकट का दावा कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत पर पड़ना तय है, लेकिन सरकार इसे कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। तेल-गैस सप्लाई से लेकर भारतीयों की सुरक्षा तक, केंद्र सरकार ने कई स्तरों पर रणनीति तैयार की है।

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