प्रवासी मजदूरों और मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को लेकर प्रियंका-राहुल ने सरकार को घेरा

न्‍यूज डेस्‍क

कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में लगातार बढ़ रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में 1076 पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 11439 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना से 38 लोगों की मौत हुई है, जिससे कोविड-19 महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 377 पहुंच गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कुल 11439 मामलों में से 9756 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा, 1305 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस से सर्वाधिक 178 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। यहां अब इस महामारी से पीड़ितों की संख्या 3124 हो गई है।

कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लॉकडाउनको तीन मई तक के लिए बढ़ाने का ऐलान किया। इस बीच, कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने प्रवासी मजदूरों और मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर सरकार से पूछा कि हर बार हर विपत्ति गरीबों और मजदूरों पर ही क्यों टूटती है? आखिर उनकी हालत को ध्यान में रखकर फैसले क्यों नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, अपने घर-गांव जाना चाहते हैं। इसकी व्यवस्था होनी चाहिए थी।

प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में कहा,’

गौरतलब है कि लॉकडाउन खत्म होने की अफवाहों के बीच मुंबई के बांद्रा में भारी संख्या में लोगों के एकत्र होने की घटना सामने आई। लॉकडाउन खत्म होने और घर लौटने की उम्मीद में मंगलवार को मुबंई के बांद्रा में भारी संख्या में प्रवासी मजदूर जमा हो गए थे। ये सभी मजदूर अपने घर लौटना चाह रहे थे। लेकिन इस बीच वहां बढ़ती भीड़ के कारण भगदड़ मच गई और इसे नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा,’

दूसरी ओर राहुल गांधी ने मिडिल ईस्ट में फंसे मजदूरों के लिए चिंता जाहिर की और सरकार के उनकी मदद का आग्रह किया। राहुल ने ट्वीट कर कहा कि- मिडिल ईस्ट में कोविड-19 संकट और व्यवसायों के बंद होने से हजारों भारतीय श्रमिक गहरे संकट में आ गए हैं और घर लौटने के लिए बेताब हैं। सरकार को अपने भाइयों और बहनों को घर लाने के लिए उड़ानों का आयोजन करना चाहिए।

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। मंगलवार को घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि संक्रमण पर रोक लगाने में लॉकडाउन के प्रभावी नतीजे मिले हैं। प्रधानमंत्री ने करीब 25 मिनट के राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि दूसरे चरण में लॉकडाउन का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने कहा था कि 20 अप्रैल से कुछ इलाकों में छूट भी दी जा सकती है।

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