सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल जानें क्या है बड़ी वजह

नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक समीकरणों के बदलने से भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखी गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों ने नए स्तर को छुआ है। अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बीच निवेशकों ने ‘वैल्यू बाइंग’ (कीमत कम होने पर खरीदारी) को प्राथमिकता दी, जिससे सोने में ₹2,300 और चांदी में ₹5,000 प्रति किलो का उछाल आया।

दिल्ली सर्राफा बाजार: आज के ताजा भाव (6 अप्रैल, 2026)

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, दिल्ली में कीमती धातुओं के दाम कुछ इस प्रकार रहे:

  • सोना (99.9% शुद्धता): ₹1,53,800 प्रति 10 ग्राम (₹2,300 की बढ़ोतरी)
  • चांदी: ₹2,42,000 प्रति किलोग्राम (₹5,000 की बढ़ोतरी)

बता दें कि पिछले सत्र में सोना ₹1,51,500 पर बंद हुआ था, जबकि चांदी ₹2,37,000 के स्तर पर थी।

तेजी के 3 प्रमुख कारण: क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

जानकारों के अनुसार, इस अचानक आई तेजी के पीछे तीन मुख्य वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं:

1. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भू-राजनीति

ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते की खबरों से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है। यदि सीजफायर का ऐलान होता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल जाएगा। इससे कच्चे तेल की आपूर्ति सुगम होगी और कीमतों में गिरावट आएगी, जिसका सीधा सकारात्मक असर सर्राफा बाजार पर पड़ा है।

2. डॉलर इंडेक्स में कमजोरी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो जाता है, जिससे मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं।

3. वैल्यू बाइंग (Bargain Buying)

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, हालिया गिरावट के बाद व्यापारियों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की। इसे ‘बार्गेन बाइंग’ कहा जाता है, जिसने कीमतों को सहारा दिया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

ग्लोबल मार्केट में भी कीमतों में तेजी का रुख रहा:

  • हाजिर सोना: 0.14% बढ़कर 4,682.80 डॉलर प्रति औंस।
  • हाजिर चांदी: 0.5% की बढ़त के साथ 73.37 डॉलर प्रति औंस।

मीराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह ने बताया कि ट्रंप प्रशासन की समय सीमा से पहले ईरान संघर्ष में सुधार की संभावनाओं ने बाजार को प्रभावित किया है।

भविष्य का अनुमान: क्या और महंगे होंगे सोना-चांदी?

कोटक सिक्योरिटीज की कायनात चैनवाला के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा भू-राजनीतिक घटनाक्रमों (Geopolitics) पर टिकी रहेगी।

इन आंकड़ों पर रहेगी नजर

  • FOMC मिनट्स: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजे।
  • US मैक्रो डेटा: कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़े।

निष्कर्ष: विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया के हालात पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाते, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता और उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों को सलाह है कि वे वैश्विक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखें।

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