किसान समर्थन में अब खिलाड़ियों ने की अवार्ड वापसी की पेशकश

जुबिली न्यूज़ डेस्क

कृषि कानून के विरोध में किसान दिल्ली बॉर्डर और एनसीआर में करीब 11 दिन डेरा डाले हुए हैं। किसानों के इस आदोलन को अब कई नामचीन हस्तियों का समर्थन मिल रहा है। इसके साथ ही हस्तियां ने अवार्ड वापसी का दौर भी शुरू कर दिया है।

प्रकाश सिंह बादल के साथ एकाली दल के नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने अपने अपने अवार्ड वापस कर दिए। इस बीच किसानों के समर्थन में पहुंचे विजेंदर सिंह खेल का सबसे बड़ा सम्मान वापस करने की बात कही है।

किसानों के समर्थन में सिंधु बॉर्डर पहुंचे विजेंदर सिंह ने कहा, ‘अगर सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती तो मैं सरकार को खेल का सबसे बड़ा सम्मान राजीव गांधी खेल पुरस्कार वापस करूंगा। उनके साथ ही एक और खिलाडी ने भी ऐसा करने की बात कही है।

राष्ट्रीय बॉक्सिंग टीम के पूर्व कोच गुरबक्श सिंह संधू ने कहा है कि अगर नए कृषि नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों पूरी नहीं होती हैं तो वह अपना द्रोणाचार्य अवॉर्ड लौटा देंगे। बता दें कि किसान आंदोलन का कोई निर्णायक नतीजा नहीं निकला, तो अभी यह लिस्ट और लंबी हो सकती है।

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इसके अलावा 8 दिसंबर को होने वाले भारत बंद को लेकर भी कांग्रेस ने समर्थन किया है। इस दिन वह किसानों की मांगों के समर्थन में सभी जिला एवं राज्य मुख्यालयों में प्रदर्शन करेगी। पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बताया कि, ‘मैं यहां घोषणा करना चाहता हूं कि कांग्रेस आठ दिसंबर को होने वाले भारत बंद को पूरा समर्थन देती है।’

उन्होंने कहा कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ट्रैक्टर रैलियों, हस्ताक्षर अभियानों और किसान रैलियों के जरिए किसानों के पक्ष में पार्टी की आवाज बुलंद कर रहे हैं। खेड़ा ने कहा, ‘हमारे सभी जिला मुख्यालय एवं प्रदेश मुख्यालयों के कार्यकर्ता इस बंद में हिस्सा लेंगे। वे प्रदर्शन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि बंद सफल रहे।’

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