कृषि बिल के खिलाफ सड़क पर किसान

जुबिली न्यूज़ डेस्क

संसद से पारित हुए किसान बिल के बाद देश का किसान नाराज है। इसके खिलाफ किसानो ने आज भारत बंद का आह्वान किया है। देशभर में किसान आज विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें ज्यादातर पंजाब, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, यूपी और दिल्ली के किसान हिस्सा ले रहे हैं। पंजाब और हरियाणा में तो ‘रेल रोको’ आंदोलन भी चलाया जा रहा है।

इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रदर्शन के दौरान किसानों से कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और कोरोना वायरस से जुड़े सभी नियमों का पालन करने की अपील की है। भारत बंद के दौरान 31 किसान संगठनों ने अपना समर्थन दिया है।

किसान आन्दोलन को लेकर उत्तर रेलवे की ओर से कहा गया कि पंजाब में किसानों के आंदोलन को ध्यान में रखते हुए, अमृतसर-जयनगर क्लोन ट्रेन आज निलंबित रहेगी साथ ही जयनगर-अमृतसर क्लोन ट्रेन 27 सितंबर को निलंबित रहेगी।

इसके अलावा उत्तर रेलवे ने बताया कि 02058/02057 नई दिल्ली-ऊना हिमाचल स्पेशल ट्रेन 25 सितंबर को शुरू होगी, जिसे चंडीगढ़ में शॉर्ट ऑर्जिनेट और शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। यह ट्रेन चंडीगढ- उना-हिमाचल-चंडीगढ़ के बीच आंशिक रूप से रद्द रहेगी।

इन संगठनों का है साथ

इस देशव्यापी बंद का ऐलान भारतीय किसान यूनियन और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने किया। इसके अलावा, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के किसानों के निकायों ने भी बंद का आह्वान किया है।

वहीं इस बंद के समर्थन में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, नेशनल ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस, सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन, हिंद मजदूर सभा, ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर और ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर सहित दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों शामिल है।

इन पार्टियों का मिला समर्थन

किसानों के भारत बंद को कांग्रेस का समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, अकाली दल, आम आदमी पार्टी, लेफ्ट पार्टियां, एनसीपी, डीएमके, राजद, बसपा, सपा टीएमसी सहित कई पार्टियां किसानो को समर्थन कर रही है। यही नहीं करीब 18 विपक्षी पार्टियों ने मिलकर राष्ट्रपति कोविंद से संसद से पास कराए गए इन विधेयकों पर हस्ताक्षर न करने की गुहार भी लगाई है।

ट्रेन सेवाओं पर पड़ेगा असर

कृषि बिलों के खिलाफ किसान संगठनों के तीन दिवसीय ‘रेल रोको’ आंदोलन के मद्देनजर रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन से चलने वाली चौदह विशेष यात्री ट्रेनें 24 से 26 सितंबर तक रद्द कर दी गई हैं। इसमें स्वर्ण मंदिर मेल (अमृतसर-मुंबई सेंट्रल), जन शताब्दी एक्सप्रेस (हरिद्वार-अमृतसर), नई दिल्ली-जम्मू तवी, सचखंड एक्सप्रेस (नांदेड़-अमृतसर), और शहीद एक्सप्रेस (अमृतसर-जयनगर) शामिल हैं।

दिल्ली बॉर्डर पर बढाई गयी सुरक्षा

कृषि बिल के खिलाफ किसानों के भारत बंद को लेकर दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनात किया गया है। इसके अलावा, किसान संगठनों ने 1 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन रेल अवरोध करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर को सील किया जाएगा।

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने निकाली ट्रैक्टर रैली

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कृषि बिल के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकाली है। इस दौरान तेजस्वी ने कहा कि सरकार ने हमारे ‘अन्नदात’ को ‘निधि दात’ के माध्यम से कठपुतली बना दिया गया है। कृषि बिल किसान विरोधी है। सरकार ने कहा था कि वे 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करेंगे, लेकिन ये बिल उन्हें और गरीब बना देगा। कृषि क्षेत्र का कॉर्पोरेटकरण किया गया है।

क्या पड़ेगा असर

कृषि बिलों के खिलाफ में पंजाब-हरियाणा में किसानों की ओर से अभी भी कई जगह रेल रोको और रास्ता रोको का अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान ये स्थिति अन्य कई राज्यों में भी देखने को मिल सकती है। जहां किसानों की मौजूदगी अधिक है, वहां रेल और रोड सेवा प्रभावित हो सकती हैं। इधर, पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तीन घंटे का चक्का जाम करेगा।

ये राज्य है शामिल

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और यूपी के किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि चक्का जाम में पंजाब, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित पूरे देश के किसान संगठन एकजुट होंगे। वहीं, दूसरी ओर पंजाब में कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों का तीन दिवसीय रेल रोको आंदोलन भी जारी है।

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