जलप्रलय से अब तक 100 से ज्‍यादा मौत

न्‍यूज डेस्‍क

देश के कई राज्‍य इस समय जलप्रलय की गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। भारी बारिश और बाढ़ के वजह 100 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस प्राकृतिक आपादा के वजह से अकेले केरल, कर्नाटक और महाराष्‍ट्र में   पिछले 72 घंटों में तीनों राज्यों में 93 जानें जा चुकी हैं।

हालांकि इस आफातकाल में सेना और एनडीआरएफ आम लोगों के लिए भगवान के दूत बन कर सामने आए हैं जो अपनी जान को जोखिम में डाल कर लोगों की मदद कर रहे हैं और राहत बचाव में लगे हैं। लेकिन इसके बाद कई राज्‍यों में अभी-भी बहुत भयावह बनी हुई है।

केरल में इस मॉनसून के दौरान बाढ़ और बारिश के वजह से 42 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच 1 लाख से ज्यादा लोगों को राहत केंद्रों में भेजा गया है। केरल के वायनाड और मलप्पुरम में भूस्खलन के चलते 40 लोग अभी भी फंसे हैं, जिससे मौत का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।

यहां खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बाधित हो रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना और एनडीआरएफ की मदद ली जा रही है।

तमिलनाडु में भी बारिश के चलते 5 की मौत हो चुकी है। भारतीय सेना, नेवी और एयरफोर्स के जवान राहत कार्य में जुटे हैं। बाढ़ प्रभावित चार राज्यों के 16 जिलों में 123 रेस्क्यू टीमें फंसे हुए लोगों को मदद पहुंचा रही हैं।

कर्नाटक के बगलकोट, रायचूर, बेलगाम और कलबुर्गी जिलों में 33 राहत टीमें और इंजिनियरों के 31 टास्क फोर्स बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के काम में जुटे हैं। कर्नाटक में बारिश जनित घटनाओं में 24 लोगों की मौत हुई है, जबकि 9 लोग लापता हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने राज्य में बाढ़ से मारे गए लोगों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।

वहीं, उत्तरी कर्नाटक में भी भारी बारिश का कहर जारी है। यहां 1.3 लाख से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण उत्तर कर्नाटक के दौरे पर रवाना हो गई हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ हमारे दैनिक जीवन में भीषण व्यवधान पैदा कर रही है।

गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार ने राज्य में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से 6000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि यह 45 सालों में ‘‘सबसे बड़ी आपदा’’ है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने केंद्र से राहत के तौर पर 3000 करोड़ रुपये मांगे हैं।

तमिलनाडु के कई जिलों में भी बारिश का प्रकोप जारी है। यहां बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित नीलगिरि जिले में राहत कार्यों के लिए भारतीय वायुसेना से मदद मांगी है। जिले में बारिश और बाढ़ के चलते 6 राहत टीमें तैनात की गई हैं। जिले में वर्षा जनित हादसों में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। थेनी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी में भारी बारिश हुई।

गुजरात के खेड़ा जिले में शुक्रवार देर रात भारी बारिश की वजह से तीन मंजिला इमारत गिर गई। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई। मलबे में फंसे 9 लोगों को बचा लिया गया है और उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है। आशंका है कि कुछ और लोग अभी मलबे में फंसे हो सकते हैं और उन्हें निकालने की कोशिश जारी है। इसके अलावा उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी खतरे के निशान से बस 10 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।

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