भाजपा का ईडी पर भरोसा बढ़ा

न्यूज डेस्क

भारतीय जनता पार्टी का इन दिनों ईडी(प्रवर्तन निर्देशालय) पर राजनैतिक भरोसा बढ़ता जा रहा है। अपने राजनैतिक विरोधियों को अर्दब में लेने के लिए भाजपा लगातार अपने विरोधियों को निशाने पर ले रही है। उसने इसकी शुरुआत राज्यसभा में बहुमत का जुगाड़ करने के लिए टीडीपी के छह सदस्यों को भाजपा में शामिल कराने से की थी। ताजा मामला जम्मू कश्मीर का है जहां राष्ट्रपति शासन की समाप्ति पर विधानसभा के चुनाव होने वाले है।

जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में काफी अरसे से चल रहे घोटाले को आधार बनाकर आज नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्लाह से ईडी द्वारा कई घंटे पूछताछ की गयी। इस संबंध में उनके बेटे उमर अब्दुल्लाह से पिछले साल जनवरी में सीबीआई पूछताछ कर चुकी है। जो स्वंय भी जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके है। इस घटना क्रम से नेशनल कांफ्रेंस में खलबली मच गई है।

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने साल 2015 में जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में 113 करोड़ रुपए के घोटाले का मामला सीबीआई को सौंपा था। हाईकोर्ट ने कहा था कि जम्मू कश्मीर की पुलिस गबन के इस केस में सही ढंग से जांच नहीं कर रही है। कोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपते हुए कहा था कि जेकेसीए के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पूरी तरह से एक सियासी शख्सियत हैं और केंद्र में मंत्री और राज्य में सीएम रह चुके हैं।

जेकेसीए के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर आरोप है कि उन्होंने दो विवादित प्रस्तावों को मंजूरी दी। पहला आरोप है कि उन्होंने अहसान मिर्जा के हाथों में वित्तीय अधिकार दिए जिसके मातहत जेकेसीए के फर्जी अकाउंट से लेनदेन की गई। 2011 के चुनाव संपन्न होने के बाद और ट्रेजरर पद से हटाए जाने के बाद भी वित्तीय लेनदेन चलता रहा।

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कोर्ट कह चुका है कि इस फर्जी फंड की निकासी बीसीसीआई मुंबई से हुई है। इसलिए क्राइम ब्रांच को जांच में दिक्कतें पेश आएंगी क्योंकि जांच क्षेत्र का दायरा उस राज्य तक सीमित है। इससे पहले सीबीआई ने इस केस को लेकर अन्य कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है।

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