ITR Filing 2026: जानें आखिरी तारीख, नए नियम और किन गलतियों पर लग सकता है 200% तक जुर्माना

वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन शुरू हो चुका है। Income Tax Department ने सभी जरूरी ITR फॉर्म पहले ही नोटिफाई कर दिए हैं, जिससे टैक्सपेयर्स समय रहते अपनी फाइलिंग पूरी कर सकें।

  • वेतनभोगी कर्मचारी, पेंशनर्स (बिना ऑडिट): 31 जुलाई 2026
    (फॉर्म: ITR-1, ITR-2)
  • छोटे कारोबारी और प्रोफेशनल्स: 31 अगस्त 2026
    (फॉर्म: ITR-3, ITR-4)
  • जिनके खातों का ऑडिट जरूरी है: 31 अक्टूबर 2026

टैक्स फाइलिंग के दौरान जानबूझकर गलत जानकारी देना भारी पड़ सकता है। Income Tax Act, 1961 के तहत कड़े दंड का प्रावधान है।

भारी जुर्माना और सजा

  • आय छिपाने पर: टैक्स का 200% तक जुर्माना
  • अनजाने में गलती: 50% तक पेनल्टी
  • गंभीर मामलों में: 7 साल तक की जेल (धारा 276(1))

1. आय छिपाना (Income Concealment)
विदेशी बैंक अकाउंट, प्रॉपर्टी या शेयर बाजार से हुई बड़ी कमाई को छुपाना टैक्स चोरी माना जाता है।

2. फर्जी कटौती (Fake Deductions)

  • गलत HRA रसीद
  • नकली डोनेशन (Section 80G)
  • बिना निवेश के 80C क्लेम

3. दस्तावेजों में हेरफेर
अकाउंट बुक, बिल या वाउचर में बदलाव कर टैक्स बचाने की कोशिश करना अपराध है।

सरकार का मकसद टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जी क्लेम को रोकना है। इससे ईमानदार टैक्सपेयर्स को फायदा मिलता है और टैक्स चोरी पर लगाम लगती है।

  • अपनी पूरी आय सही-सही घोषित करें
  • सभी निवेश और खर्च के असली दस्तावेज रखें
  • समय सीमा से पहले ITR फाइल करें
  • जरूरत पड़े तो टैक्स एक्सपर्ट की मदद लें

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