बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर IT रेड, 30 जगहों पर छापेमारी जारी

जुबिली न्यूज डेस्क
लखनऊ। Income Tax Department ने Umashankar Singh के विभिन्न ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक के आवास, होटल, प्लांट और ऑफिस समेत करीब 30 स्थानों पर छापेमारी 24 घंटे से अधिक समय से जारी है।

लखनऊ से बलिया तक छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ स्थित विधायक के आवास से आयकर विभाग की टीम बुधवार रात लगभग 10:30 बजे बाहर निकली, लेकिन विपुल खंड स्थित उनके कार्यालय में जांच अब भी जारी है।
बलिया में उनके SKY होटल, प्लांट और आवास सहित अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी चल रही है। इसके अलावा सोनभद्र और वाराणसी में भी आयकर विभाग की टीमें जांच में जुटी हैं।
टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं। हालांकि, विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
क्रशर ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के यहां भी जांच
आयकर विभाग की कार्रवाई सिर्फ उमाशंकर सिंह तक सीमित नहीं है। क्रशर ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह, चंद्रभूषण गुप्ता और देवेंद्र केसरी समेत कई अन्य ठिकानों पर भी जांच की जा रही है।
मेसर्स छात्र शक्ति के क्रशर प्लांट और कार्यालय की भी जांच चल रही है। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं।
तीन बार के विधायक हैं उमाशंकर सिंह
उमाशंकर सिंह पहली बार 2012 में बसपा के टिकट पर रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 में भी जीत दर्ज की।
मंत्री दिनेश सिंह ने जताया विरोध
उमाशंकर सिंह के रिश्तेदार और भाजपा नेता व प्रदेश सरकार में मंत्री Dinesh Singh ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर छापेमारी का विरोध जताया।
उन्होंने लिखा कि विधायक पिछले दो वर्षों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और यह बात संबंधित अधिकारियों को भी पता है। उन्होंने परिवारिक रिश्तेदारी का जिक्र करते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए।
11 महीने पहले भी चर्चा में आए थे
करीब 11 महीने पहले उमाशंकर सिंह आय से अधिक संपत्ति मामले में चर्चा में आए थे। विजिलेंस विभाग ने उनके खिलाफ जांच शुरू की थी।
जांच के दायरे में उनकी पत्नी पुष्पा, बेटे युकेश और बेटी यामिनी के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां भी शामिल थीं। इसमें जमीन, मकान, फ्लैट, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियों का ब्योरा जुटाया गया था।
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विजिलेंस ने आईजी प्रयागराज को पत्र लिखकर संपत्तियों का विवरण मांगा था। इसके बाद संबंधित विभागों को जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। वाराणसी के उप-निबंधन कार्यालयों से भी रिकॉर्ड एकत्र किए गए थे।
आगे क्या?
आयकर विभाग की कार्रवाई अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह मामला किस दिशा में जाता है। फिलहाल विभाग की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।



