ISRO Launch Today: साल 2026 का पहला मिशन आज, PSLV-C62 से EOS-N1 समेत 16 उपग्रह होंगे लॉन्च

जुबिली न्यूज डेस्क

श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) साल 2026 के पहले लॉन्च मिशन को आज यानी सोमवार, 12 जनवरी को अंजाम देने जा रहा है। यह मिशन सुबह 10:17 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा।

इस मिशन के तहत PSLV-C62 रॉकेट के जरिए पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट EOS-N1 को प्राथमिक पेलोड के रूप में कक्षा में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही कुल 15 सह-यात्री (को-पैसेंजर) उपग्रह भी लॉन्च किए जाएंगे।

PSLV की 64वीं उड़ान, 505 किमी की सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट में तैनाती

यह PSLV की 64वीं उड़ान होगी, जो PSLV-DL वैरिएंट से की जाएगी। सभी उपग्रहों को 505 किलोमीटर ऊंचाई की सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट (SSO) में स्थापित किया जाएगा।ISRO के अनुसार, व्हीकल इंटीग्रेशन का काम पूरा हो चुका है और फिलहाल अंतिम प्री-लॉन्च जांच जारी हैं। लॉन्च पैड-1 से प्रक्षेपण किया जाएगा।

मुख्य उपग्रह और पेलोड का विवरण

🔹 EOS-N1 (अन्वेषा)

  • रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के लिए विकसित

  • वजन करीब 400 किलोग्राम

  • हाइपर-स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट

  • 12 मीटर रेजोल्यूशन के साथ रक्षा निगरानी, कृषि आकलन, शहरी मैपिंग और पर्यावरणीय निगरानी में उपयोगी

🔹 KID (Kestrel Initial Technology Demonstrator)

  • स्पेनिश स्टार्टअप द्वारा विकसित

  • वजन 25 किलोग्राम

  • री-एंट्री टेक्नोलॉजी डेमॉन्स्ट्रेटर

  • अंतिम चरण में दक्षिण प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन के साथ री-एंट्री परीक्षण

🔹 अन्य सह-यात्री उपग्रह

इस मिशन में भारत के अलावा मॉरीशस, लक्जमबर्ग, UAE, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका के कई वाणिज्यिक और शोध उपग्रह भी शामिल हैं।

ISRO का वर्क हॉर्स है PSLV

PSLV को इसरो का ‘वर्क हॉर्स’ माना जाता है। अब तक की 63 उड़ानों में इस रॉकेट ने:

  • चंद्रयान-1

  • मंगल ऑर्बिटर मिशन

  • आदित्य-L1

जैसे ऐतिहासिक अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। साल 2017 में एक साथ 104 उपग्रहों के प्रक्षेपण का विश्व रिकॉर्ड भी PSLV के नाम दर्ज है।

ये भी पढ़ें-मेरठ हत्या मामला: अखिलेश यादव और मायावती ने जताई नाराजगी, पुलिस बोली– 24 घंटे में पकड़ा गया आरोपी

पिछले मिशन की विफलता के बाद अहम लॉन्च

गौरतलब है कि मई 2025 में PSLV-C61 मिशन विफल रहा था। ऐसे में आज का PSLV-C62 लॉन्च ISRO के लिए तकनीकी और मनोवैज्ञानिक दोनों लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।इस मिशन की कुल अवधि लगभग 1 घंटा 48 मिनट रहने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button